इष्ट देवता के नामों का जाप
255 मंत्रश्यामसुंदर
व्यक्तित्व में आकर्षण, सात्विक सम्मोहन विद्या एवं आंतरिक सौंदर्य की प्राप्ति।
वैश्वानर
जठराग्नि प्रदीप्त होना, अपच का नाश एवं ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ाव।
वरुण
जल से संबंधित रोगों से मुक्ति, सत्य-निष्ठा एवं जलोदर रोग का नाश।
अप्पति
जल-यात्रा में सुरक्षा एवं भावनाओं (Emotions) पर नियंत्रण।
पाशपाणि
ब्रह्मांडीय नियमों (ऋत) का पालन, दंड से बचाव एवं पापों से मुक्ति।
वायु
प्राण-शक्ति (Immunity) में वृद्धि, वात-रोगों का शमन एवं शरीर में चपलता।
पवन
कार्यों में अभूतपूर्व गति, आलस्य का निवारण एवं मन की निर्मलता।
अनिल
श्वास-रोगों से मुक्ति एवं अदृश्य रहकर कार्यों को पूर्ण करने की क्षमता।
मारुत
तूफानों से रक्षा, असीम बल की प्राप्ति एवं मारुति (हनुमान) की प्रसन्नता।
गोपीनाथ
राग-द्वेष से मुक्ति, लौकिक कामनाओं का शमन एवं गोपियों जैसी विशुद्ध, निष्काम भक्ति।
प्रजापति
उत्तम संतति की प्राप्ति, नव-सृजन एवं प्रजा (परिवार/समाज) का उचित पालन।
मित्र
विश्व में सभी से मित्रता, शत्रुओं का पूर्ण अभाव एवं आपसी सौहार्द।
पूषन
यात्रा मार्ग में पूर्ण सुरक्षा, खोए हुए मार्ग का मिलना एवं पोषण की प्राप्ति।
उषा
नवीन आशा, अवसाद के अंधकार का नाश एवं नित्य नई आध्यात्मिक जागृति।
सविता
बुद्धि का प्रकाश, आंतरिक प्रेरणा (Inspiration) एवं सृजन शक्ति की पूर्णता।
बांके बिहारी
नीरस जीवन में रस, आनंद और प्रेम की पूर्णता एवं कलात्मक प्रवृत्तियों का जागरण।
जातवेद
सर्वज्ञता की प्राप्ति, घर से नकारात्मकता का निष्कासन एवं लौकिक पवित्रता।
द्वारिकाधीश
व्यापार में अपार वृद्धि, राजसत्ता लाभ, नेतृत्व क्षमता एवं अपार ऐश्वर्य की प्राप्ति।
रणछोड़
अवांछित युद्ध, कोर्ट-कचहरी या विवाद से सुरक्षित निकासी एवं मानसिक शांति।
सीताराम
दांपत्य जीवन में अपार माधुर्य, पारिवारिक शांति एवं युगल सरकार की अहैतुकी प्रेम-भक्ति।
गिरधारी
भारी विपत्तियों, तूफानों और प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा एवं अहंकार का मर्दन।
मदनमोहन
कामदेव (वासना) पर पूर्ण विजय, मन की निर्मलता एवं भगवान के प्रति आकर्षण।
देवकीनंदन
हर प्रकार के बंधनों (लौकिक या मानसिक) से मुक्ति एवं मातृ-भक्ति।
यशोदानंदन
घर में बच्चों की किलकारी गूंजना, निर्दोष आनंद एवं पारिवारिक उल्लास।
श्रीधर
स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति, दरिद्रता का नाश एवं भौतिक सुख-सुविधाओं का विस्तार।
दामोदर
कुमार्ग से बचाव, संयम, अहैतुकी भक्ति की प्राप्ति एवं उदर रोगों से मुक्ति।
हृषीकेश
अपनी इंद्रियों (मन, आंख, कान, जिह्वा) पर पूर्ण विजय प्राप्त करना एवं चंचलता का नाश।
हरि
जन्म-जन्मांतर के संचित पापों का हरण, कर्म बंधनों का कटना एवं शुद्ध चेतना का जागरण।
श्री हरि
सभी प्रकार के लौकिक एवं अलौकिक कष्टों का शमन एवं सर्वमंगल की प्राप्ति।
नारायण
सत्य की परम अनुभूति, परम कल्याण, अज्ञान का नाश एवं बैकुंठ लोक की प्राप्ति।
जय सियाराम
घर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार, पारिवारिक क्लेश का शमन एवं सामाजिक सौहार्द।
श्रीमन नारायण
धन, वैभव, कीर्ति, सामाजिक प्रतिष्ठा और आध्यात्मिक उत्थान का एक साथ लाभ।
शनि
साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों का त्वरित शमन, धैर्य, अनुशासन एवं रोजगार में स्थिरता।
सुधाकर
शरीर में अमृत तत्त्व की वृद्धि, विषैले तत्वों (Toxins) का निष्कासन।
मंगल
भारी कर्ज से मुक्ति, भूमि-भवन का लाभ एवं रक्त संबंधी दोषों का शमन।
अंगारक
शारीरिक बल, साहस, दुर्घटनाओं से बचाव एवं क्रोध का सकारात्मक दिशा में उपयोग।
कुज
कृषि में लाभ, अचल संपत्ति की प्राप्ति एवं मांगलिक दोष की शांति।
भूमिपुत्र
भवन निर्माण में आने वाली बाधाओं का नाश एवं भूमि का सुख।
बुध
तीव्र बुद्धि, गणित, संचार-कौशल (Communication) एवं व्यापार में अपार वृद्धि।
सौम्य
वाणी में अत्यंत मधुरता, वाक्पटुता एवं चर्म रोगों (Skin Diseases) से मुक्ति।
मुकुंद
जीवन के अंत समय में सद्गति, यम-भय का नाश एवं सीधे मोक्ष (मुक्ति) का लाभ।
रोहिणेय
लेखन में स्पष्टता, बौद्धिक कार्यों में सफलता एवं माता रोहिणी की कृपा।
गुरु
उच्च शिक्षा, आध्यात्मिक ज्ञान, उत्तम संतान सुख एवं वैवाहिक विलंब का निवारण।
बृहस्पति
समाज में भारी मान-सम्मान, विवेक का जागरण एवं गुरु-कृपा की प्राप्ति।
वाचस्पति
प्रभावशाली भाषण कला, शास्त्रों का गूढ़ ज्ञान एवं वाक्-सिद्धि।
शुक्र
अपार भौतिक सुख, विलासिता, ऐश्वर्य, आकर्षण एवं सफल दांपत्य जीवन।
भार्गव
सौंदर्य, कलात्मक क्षेत्रों में भारी सफलता एवं गुप्त रोगों से रक्षा।
उशना
संजीवनी विद्या (मृत को भी जीवित करने का कौशल) एवं कूटनीतिक सफलता।
सत्यनारायण
जीवन में सत्यनिष्ठता, व्यापार में ईमानदारी से लाभ एवं समस्त संकटों का मोचन।
शनिश्चर
लंबी आयु, असाध्य रोगों से बचाव, वात रोग का नाश एवं अदालतों में न्याय की प्राप्ति।
छायापुत्र
अज्ञात भयों का नाश, गुप्त शत्रुओं की पहचान एवं भ्रम (Illusion) से मुक्ति।
मुरारी
जीवन के गुप्त शत्रुओं का शमन, ईर्ष्या-द्वेष का नाश एवं बुराइयों पर विजय।
सूर्यपुत्र
पारिवारिक मतभेदों का शमन एवं कठोर कर्मठता की प्राप्ति।
राहु
आकस्मिक दुर्घटनाओं से बचाव, षड्यंत्रों का नाश एवं राजनीति/शेयर बाजार में अप्रत्याशित लाभ।
सैंहिकेय
मायावी शत्रुओं की पहचान, तंत्र-बाधा नाश एवं कूटनीतिक (Diplomatic) चालों में विजय।
केतु
मोक्ष की ओर झुकाव, गुप्त ज्ञान (Occult Science), वैराग्य एवं जोड़ों के दर्द से मुक्ति।
शिखी
ध्यान की उच्च अवस्था, ध्वजा (पताका) के समान विजय एवं अचानक आने वाली बाधाओं का शमन।
इंद्र
नेतृत्व, सत्ता प्राप्ति, बारिश (जल-सुख) एवं भौतिक समृद्धि।
सुरेंद्र
सभी देवों का अनुकूल होना एवं समाज में 'देव-तुल्य' प्रतिष्ठा।
वज्रपाणि
अदम्य साहस, कठोर संकल्प की सिद्धि एवं प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा।
शचीपति
इंद्रलोक के समान अपार ऐश्वर्य एवं पत्नी/पति सुख की प्राप्ति।
अग्नि
शरीर में ऊर्जा, पाचन तंत्र की मजबूती एवं विचारों की भयंकर पवित्रता।
वासुदेव
सर्वत्र ईश्वर के दर्शन की योग्यता, भय-शोक की निवृत्ति एवं समभाव (समान दृष्टि) की प्राप्ति।
हुताशन
अन्न का शरीर में सही पोषण, पापों का भस्म होना एवं यज्ञ-सिद्धि।
चामुण्डा
काम-क्रोध रूपी चंड-मुंड राक्षसों का नाश एवं हर प्रकार की तंत्र-बाधा से मुक्ति।
सोमनाथ
चंद्र दोष शांति, मानसिक संतुलन, क्रोध पर नियंत्रण एवं पूर्ण शीतलता की प्राप्ति।
पशुपतिनाथ
पाशविक प्रवृत्तियों (काम, क्रोध, लोभ) से मुक्ति एवं हृदय में करुणा का विकास।
नीलकंठ
अपमान सहने की शक्ति, विषैले प्रभावों का शमन एवं समाज में अविचल प्रतिष्ठा।
आशुतोष
भगवान शिव की शीघ्र और अकारण प्रसन्नता एवं त्वरित फल प्राप्ति।
त्रिपुरारी
तीनों तापों (दैहिक, दैविक, भौतिक) एवं त्रिगुणों (सत्त्व, रज, तम) से पूर्णतः पार जाना।
कालभैरव
तंत्र-मंत्र की बाधाओं का नाश, तंत्र सिद्धि, बुरी आत्माओं से रक्षा एवं शत्रुओं का स्तंभन।
गंगाधर
विचारों में पवित्रता, ज्ञान रूपी गंगा का प्रवाह एवं मस्तिष्क की शीतलता।
उमापति
उत्तम जीवनसाथी की प्राप्ति, घर में सामंजस्य एवं देवी उमा की भी कृपा।
दुर्गा
सभी प्रकार के दुखों, दुर्गति, दरिद्रता और संकटों का तत्काल एवं समूल नाश।
अवधेश
पैतृक संपत्ति से संबंधित विवादों का शमन, भूमि लाभ एवं राज्य सुख की प्राप्ति।
जय माता दी
शरीर में भारी उत्साह, निर्भयता एवं यात्रा/कठिन कार्यों में पूर्ण सुरक्षा की प्राप्ति।
भवानी
मातृ-सुख, जीवनदायिनी ऊर्जा का संचार एवं संसार के समस्त भयों से मुक्ति।
अम्बे
मातृवत असीम संरक्षण, मन की शांति एवं हृदय में दया का संचार।
जगदम्बे
समस्त जगत की बाधाओं पर विजय, समाज में अपार सम्मान एवं ऐश्वर्य।
शेरावाली
शत्रुओं और दुष्टों के हृदय में भय उत्पन्न करना एवं स्वयं को सिंह के समान निर्भय बनाना।
मल्लिकार्जुन
लौकिक धन-धान्य की अपार प्राप्ति एवं मनोवांछित फलों की निर्बाध सिद्धि।
शैलपुत्री
जीवन में स्थिरता, दृढ़ निश्चय एवं हिमालय पर्वत जैसी अडिगता।
ब्रह्मचारिणी
तपस्या, वैराग्य, विद्यार्थी जीवन में सदाचार एवं सर्वोच्च ज्ञान की प्राप्ति।
चंद्रघंटा
आलस्य और निद्रा का नाश, स्वर में माधुर्य एवं अलौकिक शक्तियों के दर्शन।
कुष्मांडा
समस्त आयु-आरोग्य की वृद्धि, जीवन शक्ति (Vitality) और अपार यश।
जानकीनाथ
दरिद्रता का समूल नाश, भौतिक सुख-समृद्धि, सौभाग्य प्राप्ति एवं पारिवारिक कल्याण।
स्कंदमाता
उत्तम संतान सुख, वात्सल्य एवं मूर्खों को भी ज्ञानी बनाने की शक्ति।
कात्यायनी
सुयोग्य वर/कन्या की प्राप्ति, विवाह की बाधाएं दूर होना एवं पारिवारिक शत्रुओं का नाश।
कालरात्रि
अकाल मृत्यु का भय दूर होना, घोर ग्रह-दोष शांति एवं तंत्र-काट।
महागौरी
पूर्व जन्म के घोर पापों का शमन, शारीरिक कांति (Glow) एवं विचारों की पूर्ण पवित्रता।
सिद्धिदात्री
अणिमा आदि अष्ट सिद्धियों की प्राप्ति एवं लौकिक कार्यों में पूर्ण सफलता।
अपराजिता
हर क्षेत्र में सुनिश्चित विजय एवं जीवन में पराजय का सर्वथा अभाव।
वैष्णवी
भगवान विष्णु और देवी की संयुक्त कृपा, सात्विक जीवन एवं पूर्ण संरक्षण।
भ्रामरी
भयंकर महामारियों से रक्षा एवं शत्रुओं का भ्रामरी शक्ति द्वारा शमन।
शाकम्भरी
घर में अन्न-जल की कभी कमी न होना एवं दुर्भिक्ष (अकाल) से रक्षा।
काली
अज्ञान के अंधकार का नाश, समय (काल) पर नियंत्रण एवं परम मोक्ष।
महादेव
असाध्य रोगों से मुक्ति, भयंकर शत्रुओं पर विजय एवं आत्मबल (Willpower) में असीम वृद्धि।
जगन्नाथ
विश्व बंधुत्व की भावना, असाध्य रोगों से मुक्ति एवं सर्वोच्च मोक्ष की प्राप्ति।
विठ्ठल
शुद्ध वारकरी भक्ति, संतों का सत्संग एवं अपार आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति।
पद्मनाभ
सृजनात्मकता (Creativity) का विकास, ब्रह्मांडीय ऐश्वर्य और नवीन ऊर्जा की प्राप्ति।
मधुसूदन
अहंकार रूपी 'मधु' दैत्य का वध, आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध) का शमन एवं शांति।
त्रिविक्रम
तीनों लोकों में विजय, निर्बाध यात्रा, हर दिशा में सफलता एवं सीमाओं का विस्तार।
पुण्डरीकाक्ष
दिनभर के कार्यों में पवित्रता, उत्तम दूरदृष्टि (Vision) एवं आत्मिक ज्ञान का प्रकाश।
जनार्दन
समाज के शोषितों की रक्षा, दरिद्रता एवं दुर्भाग्य से मुक्ति तथा जन्म-मरण के चक्र से उद्धार।
अच्युत
प्राप्त पद, प्रतिष्ठा और ज्ञान की स्थिरता एवं जीवन में पतन (Downfall) से पूर्ण रक्षा।
रघुनाथ
नेतृत्व क्षमता में वृद्धि, यश प्राप्ति, समाज में मान-सम्मान एवं प्रशासनिक कार्यों में सफलता।
अनंत
असीम ज्ञान की प्राप्ति, सभी प्रकार की सीमाओं और बंधनों से मुक्ति एवं विशाल दृष्टिकोण।
वैकुण्ठनाथ
भौतिक कष्टों से परे परम शांति के लोक (वैकुण्ठ) की प्राप्ति एवं आवागमन से मुक्ति।
शेषशायी
सुखद निद्रा, बुरे स्वप्नों से रक्षा एवं भयानक परिस्थितियों में भी शांत रहने की कला।
शिव
परम कल्याण, नकारात्मक ऊर्जा का समूल नाश एवं अद्वैत (Non-dual) ज्ञान की प्राप्ति।
शिव शिव
तत्काल संकट निवारण, भय-नाश एवं चित्त की अचंचल, अगाध शांति की स्थापना।
साम्ब सदाशिव
शिव-शक्ति की संयुक्त अहैतुकी कृपा, उत्तम गृहस्थ सुख एवं आंतरिक वैराग्य दोनों की प्राप्ति।
मयंक
काव्यात्मक प्रतिभा, सौंदर्य एवं आकर्षण में वृद्धि।
हर हर महादेव
शरीर में सुप्त ऊर्जा का तत्काल संचार, उत्साह वृद्धि एवं सर्व-संकट का हरण।
शम्भो
असीम आध्यात्मिक सुख, परमानंद की प्राप्ति एवं मानसिक अवसाद (Depression) का नाश।
शंकर
मन की शंकाओं (Doubts) का समाधान एवं जीवन के कल्याणकारी मार्गों का प्रशस्तीकरण।
राघव
विपरीत और कठिन परिस्थितियों में धैर्य, संकटमुक्ति एवं अटूट मानसिक संबल।
भवानीशंकर
दांपत्य जीवन में अखंड प्रेम, मतभेदों का नाश एवं शिव-पार्वती जैसी एकरूपता।
महाकाल
मृत्यु भय का नाश, आयु में वृद्धि एवं समय (काल) के कुचक्र पर विजय।
ओम्कारेश्वर
उच्च आध्यात्मिक उन्नति, ब्रह्मज्ञान, नाद-सिद्धि एवं लौकिक विचारों का शमन।
केदारनाथ
कठोर तप करने की शक्ति, इंद्रियों पर आत्म-संयम एवं जीवन-मुक्ति।
भीमाशंकर
भयंकर और पुराने शारीरिक रोगों से मुक्ति एवं अपार शारीरिक बल की प्राप्ति।
त्र्यम्बक
त्रिकाल दृष्टि, ज्ञान-चक्षु (Third Eye) का जागरण एवं सर्व-पापों का नाश।
वैद्यनाथ
असाध्य रोगों से चमत्कारी स्वास्थ्य लाभ एवं औषधियों के प्रभाव में वृद्धि।
नागेश्वर
सर्प और विषैले जंतुओं से रक्षा, विष का प्रभाव नष्ट होना एवं ग्रहीय दोष शमन।
रामेश्वर
ब्रह्महत्या या महापापों से मुक्ति एवं भगवान श्री राम की अनन्य भक्ति की प्राप्ति।
घुश्मेश्वर
खोए हुए पद, वस्तु, धन या किसी बिछड़े हुए व्यक्ति की पुनः प्राप्ति।
रामचंद्र
जीवन में शीतलता, मर्यादा का विकास, क्रोध पर नियंत्रण एवं उत्तम चरित्र का निर्माण।
मंगलमूर्ति
सर्वत्र शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार एवं अमंगल का नाश।
ज्ञानदा
सर्वोच्च आध्यात्मिक ज्ञान (ब्रह्मज्ञान) एवं आत्म-बोध की प्राप्ति।
ब्राह्मी
ब्रह्मांडीय चेतना से जुड़ाव एवं सृजनात्मक (Creative) ऊर्जा का विस्फोट।
रघुनंदन
कुल की वृद्धि, पुत्र-पौत्रादि का सुख एवं पारिवारिक परंपराओं का संरक्षण।
महासरस्वती
तामसिक प्रवृत्तियों का नाश एवं चेतना में प्रकाश का संचार।
वाणी
मुख से निकले हुए वचनों का सत्य होना एवं कटु-वचन बोलने की आदत से छुटकारा।
गणेश
सर्वकार्य सिद्धि, बुद्धि का तीव्र विकास एवं सभी दिशाओं से मंगल की प्राप्ति।
गणपति
समस्त विघ्नों का समूल नाश एवं समूह का नेतृत्व (Leadership) करने की क्षमता में वृद्धि।
गजानन
स्मरण शक्ति (याद्दाश्त) का अप्रत्याशित विकास एवं जीवन में विशाल दृष्टिकोण की प्राप्ति।
विनायक
अहंकार का नाश, बिना किसी बाहरी बाधा के कार्यों में सफलता एवं संकटमुक्ति।
विघ्नहर्ता
तत्काल बाधा निवारण, अड़चनों का नाश एवं सफलता का मार्ग प्रशस्त होना।
लम्बोदर
जीवन के सभी सुख-दुख, अपमान और रहस्यों को पचाने की शक्ति एवं उदारता का विकास।
एकदंत
लेखन कार्य में पूर्ण एकाग्रता, बुद्धि का तीक्ष्ण होना एवं लक्ष्य हेतु त्याग की भावना।
भालचंद्र
मानसिक शीतलता, क्रोध पर त्वरित नियंत्रण एवं अगाध शांति।
दशरथनंदन
माता-पिता का आशीर्वाद प्राप्त होना, पितृ दोष का शमन एवं आज्ञाकारिता का गुण।
वक्रतुंड
दुष्टों के वक्र (टेढ़े) मार्ग को सीधा करना एवं जीवन में न्याय की प्राप्ति।
विद्यादायिनी
कठिन से कठिन विषयों को सरलता से समझना एवं अध्ययन में एकाग्रता।
सिद्धिविनायक
मनोवांछित सिद्धियों और कठिन से कठिन लौकिक कार्यों में शत-प्रतिशत सफलता।
मयूरेश्वर
भ्रम और माया रूपी सर्प का नाश एवं सत्य ज्ञान की प्राप्ति।
चिंतामणि
मानसिक चिंताओं का तत्काल निवारण एवं परम शांति का अनुभव।
हेरम्ब
असहाय अवस्था में भगवान गणेश द्वारा रक्षक बनकर सहायता करना एवं निर्भयता।
गणाधीश
संगठन चलाने की कुशलता, अनुयायियों पर नियंत्रण एवं प्रशासनिक सफलता।
हनुमान
असीम शारीरिक बल, बुद्धि, विद्या की प्राप्ति एवं जीव के अहंकार का नाश।
बजरंगबली
वज्र के समान दृढ़ शरीर की प्राप्ति, निर्भयता एवं शत्रुओं के हृदय में कंपन।
महावीर
असीम पराक्रम, खेल व युद्ध में विजय एवं मानसिक उत्साह में वृद्धि।
कृष्ण
जन्म-जन्मांतर के अज्ञान का नाश, आत्मसाक्षात्कार एवं सर्वोच्च कृष्ण-प्रेम की प्राप्ति।
मारुति
वायु के समान गति, यात्रा में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से पूर्ण रक्षा।
संकटमोचन
असाध्य और घोर संकटों से चमत्कारी रूप से रक्षा एवं विपत्तियों से त्वरित मुक्ति।
पवनपुत्र
शरीर में प्राणवायु (ऑक्सीजन) का संचार, फेफड़ों व श्वास के रोगों से मुक्ति एवं ऊर्जा।
अंजनीपुत्र
मातृ-पितृ भक्ति, सेवा भाव का विकास एवं गृह कलेश का समूल नाश।
रामदूत
भगवान राम की अहैतुकी कृपा प्राप्ति एवं कठिन कार्यों में हनुमान जी की मध्यस्थता।
कपीश
जंगली जंतुओं, भूत-प्रेत एवं अज्ञात अदृश्य शक्तियों से सुरक्षा।
कमला
शारीरिक सौंदर्य, सम्मोहन आकर्षण एवं सभी लौकिक/भौतिक सुखों की प्राप्ति।
राम राम
मन की एकाग्रता, तत्काल तनाव नाश एवं हृदय में प्रगाढ़ भक्ति का जागरण।
रघुपति
जीव के अहंकार का नाश, ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण भाव का विकास एवं ईश्वर-प्राप्ति।
महाकाली
भयंकर तंत्र प्रयोगों का समूल नाश, असीम शक्ति एवं शत्रुओं का पूर्ण शमन।
भद्रकाली
जीवन में भद्रता (कल्याण), सुख-शांति एवं मारक रोगों (असाध्य व्याधियों) से रक्षा।
श्यामा
देवी के सौम्य रूप की कृपा, सरल भक्ति एवं आंतरिक सौंदर्य की प्राप्ति।
कालिका
सभी प्रकार के भयों (विशेषकर अकाल मृत्यु और दुर्घटना के भय) की निवृत्ति।
श्मशानकाली
मोह-माया का विच्छेदन, पूर्ण वैराग्य और उच्च स्तरीय तंत्र-सिद्धि।
कपालिनी
मनुष्य के अहंकार रूपी मुंड (कपाल) का नाश एवं कुंडलिनी शक्ति का जागरण।
तारा
विपत्तियों के भवसागर से तुरंत तारना (पार लगाना) एवं वाक्-सिद्धि।
चामुंडा
चंड और मुंड रूपी दुष्ट वृत्तियों का नाश एवं सर्वत्र निर्भयता।
लक्ष्मी
जीवन से दरिद्रता का समूल नाश, अपार धन, धान्य और स्थिर समृद्धि की प्राप्ति।
महालक्ष्मी
राजसी ऐश्वर्य, व्यापार में अप्रत्याशित वृद्धि एवं समाज में वर्चस्व।
कौशलेंद्र
राजसी ऐश्वर्य की प्राप्ति, संतानों का उत्तम विकास एवं मातृ-पितृ भक्ति का जागरण।
श्री
जीवन में 'श्री' (शोभा, कांति, सम्मान और धन) का अखंड वास।
पद्मा
संसार रूपी कीचड़ में निर्लिप्त रहते हुए वैभव और सुखों का उपभोग।
केसरीनंदन
राजसी तेज, नेतृत्व क्षमता एवं समाज में सम्मान और वर्चस्व।
नारायणी
धर्म के मार्ग से धन की प्राप्ति, पारिवारिक शांति एवं विष्णु-कृपा।
भार्गवी
वैवाहिक सुख, कला के क्षेत्र में अपार सफलता एवं ऐश्वर्य।
हरिप्रिया
भगवान हरि की भी कृपा प्राप्ति एवं सौभाग्य में दिन-दूनी वृद्धि।
इंदिरा
धन का तीव्र संचय, अनावश्यक खर्चों पर पूर्ण रोक एवं स्थिर लक्ष्मी का वास।
रमा
जीवन में निरंतर आनंद, विलास, मधुरता और मनोरंजन की प्राप्ति।
गजलक्ष्मी
पशु-धन, वाहन सुख एवं राजसी संपदा की प्राप्ति।
धनलक्ष्मी
रुके हुए धन की प्राप्ति एवं ऋण (कर्ज) से पूर्ण मुक्ति।
राजीवलोचन
दृष्टि दोषों का शमन, सौंदर्य की प्राप्ति एवं हृदय में करुणा और दया का संचार।
चंचला
धन के प्रति आसक्ति का नाश एवं धन का सही (परोपकारी) दिशा में उपयोग।
सरस्वती
बुद्धि की पूर्ण शुद्धि, अज्ञान का नाश एवं स्मरण शक्ति (Memory) में भारी वृद्धि।
शारदा
विद्या, साहित्य और शास्त्र-ज्ञान की सहज एवं शीघ्र प्राप्ति।
वीणावादिनी
संगीत, गायन, वादन और ललित कलाओं में निपुणता एवं स्वर-सिद्धि।
भारती
अत्यंत प्रभावशाली वाणी, वाक्पटुता एवं वाद-विवाद (Debate) में सुनिश्चित विजय।
हंसवाहिनी
'नीर-क्षीर विवेक' (सत्य और असत्य को पहचानने की क्षमता) का उच्चतम विकास।
वाग्देवी
वाक्-सिद्धि, स्पष्ट उच्चारण एवं विचारों को श्रोताओं के सम्मुख सही रूप में प्रस्तुत करना।
बलभद्र
असीम शारीरिक शक्ति, कृषि में लाभ एवं मानसिक दृढ़ता।
परशुराम
असीम पराक्रम, क्षत्रिय-तेज, अन्याय का दमन एवं क्रोध पर नियंत्रण।
भार्गव
ब्रह्म-तेज, शास्त्र-ज्ञान और शस्त्र-कौशल दोनों की एक साथ प्राप्ति।
भृगुपति
वंश की रक्षा, पैतृक दोषों का शमन एवं समाज में वर्चस्व।
खण्डपरशु
जीवन के कड़े संघर्षों को चीरकर सफलता प्राप्त करना एवं अजेय होना।
जामदग्न्य
पितृ-भक्ति, पितृ दोष शांति एवं कठोर आज्ञापालन का गुण।
गोपाल
संतान सुख, वात्सल्य प्रेम की पूर्ण प्राप्ति एवं घर के सभी बालकों की सुरक्षा।
मत्स्यदेव
प्रलय, भारी जल-संकट या बाढ़ से रक्षा एवं खोए हुए वेदों (ज्ञान) की पुनः प्राप्ति।
कूर्मदेव
जीवन में असीम स्थिरता, सहनशीलता एवं अपनी इंद्रियों को कछुए के समान समेटने की शक्ति।
वराह
घोर आलस्य का नाश, पाताल जैसी गहरी विपत्तियों से उद्धार एवं भूमि/संपत्ति लाभ।
आदिवराह
सृष्टि के प्रारंभिक रहस्यों का ज्ञान, यश एवं खोई हुई संपत्ति की पुनः प्राप्ति।
श्वेतवराह
विचारों की पूर्ण पवित्रता एवं वर्तमान कल्प (श्वेतवराह कल्प) के दोषों से मुक्ति।
वामन
अहंकार का समूल नाश, विनम्रता का विकास एवं खोए हुए अधिकारों की शांतिपूर्ण प्राप्ति।
त्रिविक्रम
संपूर्ण विश्व में कीर्ति का फैलाव एवं तीनों लोकों की सम्पदा (व्यापकता) की प्राप्ति।
उपेंद्र
उच्चाधिकारियों से सहयोग प्राप्त होना एवं देव-कृपा का लाभ।
बलराम
भ्रातृ-प्रेम (भाई-चारे) में वृद्धि, अन्न-धन की पूर्णता एवं दुष्टों का संहार।
प्रह्लादवरद
ईश्वर पर अटूट विश्वास की प्राप्ति एवं संकट काल में भगवान का साक्षात् प्रकट होना।
जय राम
आत्मबल में वृद्धि, घोर निराशा में आशा का संचार एवं सभी प्रकार की बाधाओं का निवारण।
माधव
माया के प्रबल प्रभाव से मुक्ति, स्थिर मति की प्राप्ति एवं मोह-पाश का कटना।
हलायुध
मन की बंजर भूमि को उपजाऊ (भक्तियुक्त) बनाना एवं पापों का कर्षण।
कल्कि
अधर्म का नाश, नवीन युग (सतयुग) की चेतना का जागरण एवं आसुरी शक्तियों से मुक्ति।
सूर्य
नेतृत्व क्षमता, अपार आत्मविश्वास, यश, सरकारी कार्यों में सफलता एवं नेत्र ज्योति में वृद्धि।
भास्कर
जीवन में प्रकाश, ज्ञान की ऊर्जा का संचार एवं अपयश (Bad Reputation) का नाश।
दिनकर
दिनभर कर्मठता (Active lifestyle), तेज और उल्लास की प्राप्ति।
भानु
पिता के साथ संबंधों में सुधार, राजकीय मान-सम्मान एवं तेजस्विता।
आदित्य
रोगों से पूर्ण मुक्ति (आरोग्य), दीर्घायु एवं देवत्व की प्राप्ति।
दिवाकर
दिन के सभी कार्यों में सिद्धि एवं अंधकार (निराशा) का नाश।
मार्तंड
पूर्व जन्म के शाप से मुक्ति एवं मृतप्राय कार्यों में प्राण-प्रतिष्ठा।
चंद्र
मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, रचनात्मकता और डिप्रेशन (Depression) से मुक्ति।
केशव
जीवन के संपूर्ण पापों का नाश, दुर्भाग्य से मुक्ति एवं बालों/त्वचा के सौंदर्य की वृद्धि।
सोम
शरीर में शीतलता, माता के सुख में वृद्धि एवं कलात्मक कौशल।
शशांक
मन के उद्वेगों की शांति, दाग रहित चरित्र एवं सौम्यता।
तारकारि
तारकासुर रूपी प्रबल अहंकार और अजेय बाधाओं का शमन।
बालाजी
तंत्र-मंत्र की बाधा, बुरी नज़र (Evil Eye) और मानसिक/मनोवैज्ञानिक रोगों से मुक्ति।
रुद्रावतार
संहारक शक्ति की सकारात्मक प्राप्ति एवं शरीर के असाध्य रोगों का नाश।
महाबल
रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) में वृद्धि एवं दुर्बलता का नाश।
राधे कृष्ण
सांसारिक वैराग्य, माधुर्य भक्ति का उदय एवं संसार के तीनों तापों (दैहिक, दैविक, भौतिक) से मुक्ति।
आंजनेय
विद्या प्राप्ति, अष्ट सिद्धियों का लाभ एवं विनम्रता।
कार्तिकेय
शत्रुओं पर पूर्ण विजय, सैन्य-बल की प्राप्ति एवं कानूनी विवादों (Court Cases) में सफलता।
स्कंद
जीवन-शक्ति (Vitality) में वृद्धि, रक्त संबंधी दोषों एवं रोगों से मुक्ति।
कुमार
यौवन की सुरक्षा, ब्रह्मचर्य की रक्षा, कुविचारों का नाश एवं वीर्यवान बनना।
मुरुगन
असीम शारीरिक सौंदर्य, ज्ञान और तमिल-भक्ति रस की प्राप्ति।
गुह
गुप्त विद्याओं (Tantra/Occult) का ज्ञान एवं ब्रह्मांड के रहस्यों का उद्घाटन।
षण्मुख
चारों दिशाओं, ऊपर और नीचे से आने वाली विपत्तियों से पूर्ण सुरक्षा।
सुब्रह्मण्य
सर्प भय से मुक्ति, ज्ञान की सर्वोच्च अवस्था एवं मूलाधार में कुण्डलिनी शक्ति का जागरण।
स्वामीनाथ
अज्ञान रूपी गुरु-शिष्य भेद का नाश एवं स्वयं भगवान शिव को उपदेश देने वाली प्रज्ञा की प्राप्ति।
सेनानी
युद्ध-कौशल, कठोर अनुशासन एवं अदम्य साहस की प्राप्ति।
राधे राधे
श्री राधा-कृष्ण की अहैतुकी और सहज कृपा, मन की निरंतर प्रफुल्लता एवं परमानंद की प्राप्ति।
राम
मन की असीम शांति, भवसागर से मुक्ति, अंतःकरण की पूर्ण शुद्धि एवं सर्वोच्च मोक्ष की प्राप्ति।
राधा
भगवान कृष्ण की प्रत्यक्ष और त्वरित कृपा, भव-बंधन से मुक्ति एवं विशुद्ध भक्ति।
राधे राधे
हृदय में माधुर्य रस का संचार, लौकिक चिंताओं का नाश एवं निरंतर आनंद की अवस्था।
श्री राधे
लौकिक ऐश्वर्य के साथ-साथ परम कृष्ण-प्रेम की प्राप्ति एवं सौभाग्य में वृद्धि।
राधा रानी
मृत्यु उपरांत ब्रज-वास की प्राप्ति, पूर्ण शरणागति एवं लौकिक कष्टों से उदासीनता।
श्यामा
श्याम (कृष्ण) और श्यामा (राधा) की एकरूपता (अद्वैत) का ज्ञान एवं मोह-नाश।
राधिके
कठिन समय में देवी की त्वरित दया, अकारण कृपा एवं आध्यात्मिक उन्नति।
वृषभानु दुलारी
पारिवारिक सुख, कन्या रत्न की प्राप्ति एवं निर्दोष, निर्मल आनंद।
किशोरी जी
नित्य यौवन, मानसिक शुद्धता, विचारों की पवित्रता एवं ब्रज-रस की अनुभूति।
रासेश्वरी
कला, नृत्य और संगीत में निपुणता एवं अलौकिक महारास के दर्शन की योग्यता।
गोविंद
इंद्रियों (मन और शरीर) पर पूर्ण नियंत्रण, भौतिक सुखों की प्राप्ति एवं दुर्घटनाओं से रक्षा।
वृंदावनेश्वरी
प्रकृति से प्रेम, वनस्पति जगत की रक्षा एवं वृंदावन के गूढ़ रहस्यों का ज्ञान।
नरसिंह
घोर भय, काले जादू (Black Magic) और रचे गए षड्यंत्रों का तत्काल नाश।
उग्र नरसिंह
आकस्मिक विपत्तियों से अचूक रक्षा एवं अत्यंत क्रूर शत्रुओं का स्तंभन।
लक्ष्मी नरसिंह
उग्रता की शांति, घर में सुख-समृद्धि एवं पूरे परिवार पर रक्षात्मक आवरण।