ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान कृष्ण

भगवान कृष्ण नाम मंत्र

कृष्ण

जन्म-जन्मांतर के अज्ञान का नाश, आत्मसाक्षात्कार एवं सर्वोच्च कृष्ण-प्रेम की प्राप्ति।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनाम मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

जन्म-जन्मांतर के अज्ञान का नाश, आत्मसाक्षात्कार एवं सर्वोच्च कृष्ण-प्रेम की प्राप्ति।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जन्म-जन्मांतर के अज्ञान का नाश, आत्मसाक्षात्कार एवं सर्वोच्च कृष्ण-प्रेम की प्राप्ति

जाप विधि

हृदय चक्र पर भगवान के श्याम वर्ण का ध्यान करते हुए निरंतर मानसिक जप (अजपा)।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

bhakti mantra

नीलांचल निवासाय नित्याय परमात्मने। बलभद्र सुभद्राभ्यां जगन्नाथाय ते नमः

kaamya mantra

सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥

mool mantra

ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः

navgrah mantra

ॐ अन्नात्परिस्त्रुतो रसं ब्रह्मणा व्यपिबत् क्षत्रं पय: सोमं प्रजापति:। ऋतेन सत्यमिन्द्रियं विपानं शुक्रमन्धस इन्द्रस्येन्द्रियमिदं पयोऽमृतं मधु।।

tantrik mantra

ॐ नाशय नाशय सर्व दुष्टं नाशय फट् स्वाहा अरुण वरुण माला लंकृता शंकराग्रे विद्रुत परसु शक्तिम पुष्प बाणुचापंम विविध फण फणंद्र भूषण भूषितंग शरबिलनाथं नौम्य सालुवे

vaidik mantra

ॐ येनेदं भूतं भुवनं भविष्यत् परिगृहीतममृतेन सर्वम् । येन यज्ञस्तायते सप्तहोता तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।