माता भगवती त्रिपुरसुंदरी भक्ति मंत्र
ॐ श्री त्रिपुरसुन्दर्यै नमः
जीवन में संतुलन, आंतरिक सौंदर्य की अनुभूति, और देवी के प्रति सर्वोच्च वात्सल्य और भक्ति की प्राप्ति 45।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन में संतुलन, आंतरिक सौंदर्य की अनुभूति, और देवी के प्रति सर्वोच्च वात्सल्य और भक्ति की प्राप्ति 45।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन में संतुलन, आंतरिक सौंदर्य की अनुभूति, और देवी के प्रति सर्वोच्च वात्सल्य और भक्ति की प्राप्ति
जाप विधि
इस नाम-मंत्र का जप स्फटिक या लाल चंदन की माला पर किया जाता है 45। इसे एकांत में ध्यानस्थ होकर मानसिक रूप से जपना चाहिए, जिसमें देवी के सौंदर्य और करुणा का स्मरण हो 4।
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gyan mantraज्ञानम् आनंद मयं देवं निर्मल स्पटिकाकृतिम् । आधारं सर्व विद्यानां हयग्रीवं उपास्मे ॥
naam mantraवरुण