विश्वेदेवा / स्वस्तिवाचन (२५.२१) वैदिक मंत्र
ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिर्व्यशेमहि देवहितं यदायुः ॥
शुभ वचनों का श्रवण, शुभ दृश्यों का दर्शन, शारीरिक निरोगता, इन्द्रिय-पुष्टि एवं देव-निर्धारित पूर्ण आयु की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
शुभ वचनों का श्रवण, शुभ दृश्यों का दर्शन, शारीरिक निरोगता, इन्द्रिय-पुष्टि एवं देव-निर्धारित पूर्ण आयु की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
शुभ वचनों का श्रवण, शुभ दृश्यों का दर्शन, शारीरिक निरोगता, इन्द्रिय-पुष्टि एवं देव-निर्धारित पूर्ण आयु की प्राप्ति
जाप विधि
प्रातःकालीन देव-दर्शन या सत्संग के समय एकाग्रचित्त होकर हाथ जोड़कर पाठ।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
हौं
kaamya mantraॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः।
mool mantraॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः (सामान्य मूल: ॐ शनैश्चराय नमः)
bhakti mantraसीता राम सीता राम जय जय सीता राम
stotra mantraश्रीवत्सधामापररात्र ईशः प्रत्यूष ईशोऽसिधरो जनार्दनः। दामोदरोऽव्यादनुसन्ध्यं प्रभाते विश्वेश्वरो भगवान् कालमूर्तिः।। 7
siddh mantraहस्ति-पिशाचि-लिखे स्वाहा ।