छिन्नमस्ता तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ सर्व बुद्धि प्रदे वर्णनीय सर्व सिद्धि प्रदे डाकिनीय ॐ वज्र वैरोचनीयै नमः
महान कवित्व शक्ति, वाक् सिद्धि, दुर्लभ मनोरथों की प्राप्ति, असाध्य रोग मुक्ति, राजाओं व मंत्रियों का वशीकरण और शत्रुओं पर पूर्ण विजय 25।
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यह मंत्र क्यों?
महान कवित्व शक्ति, वाक् सिद्धि, दुर्लभ मनोरथों की प्राप्ति, असाध्य रोग मुक्ति, राजाओं व मंत्रियों का वशीकरण और शत्रुओं पर पूर्ण विजय 25।
इस मंत्र से क्या होगा?
महान कवित्व शक्ति, वाक् सिद्धि, दुर्लभ मनोरथों की प्राप्ति, असाध्य रोग मुक्ति, राजाओं व मंत्रियों का वशीकरण और शत्रुओं पर पूर्ण विजय
जाप विधि
किसी भी दशमी तिथि को इस साधना का प्रारंभ करें। उषा काल में उठकर शय्या पर बैठकर नित्य 100 बार जप करें। विशेष सिद्धि हेतु छिन्नमस्ता माला (रुद्राक्ष/रक्त चंदन) से 11 माला का 27 दिनों तक अनुष्ठान करें। चंपा, सफेद कनेर, उदुंबर और पलाश के फलों से दशांश हवन करें 25।
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छायायां पारिजातस्य हेमसिंहासनोपरि आसीनमम्बुदश्याममायताक्षमलंकृतम्। चन्द्राननं चतुर्बाहुं श्रीवत्साङ्कित वक्षसं रुक्मिणी सत्यभामाभ्यां सहितं कृष्णमाश्रये ॥ 12
gyan mantraमेधादेवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्य माना । त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान् बृहद्वदेम विदथे सुवीराः । त्वया जुष्ट ऋषिर्भवति देवि त्वया ब्रह्माऽऽगतश्रीरुत त्वया । त्वया जुष्टश्चित्रं विन्दते वसु सा नो जुषस्व द्रविणो न मेधे ॥
vaidik mantraॐ वाङ् म आस्येऽस्तु। ॐ नसोर्मे प्राणोऽस्तु। ॐ अक्ष्णोर्मे चक्षुरस्तु। ॐ कर्णयोर्मे श्रोत्रमस्तु। ॐ बाह्वोर्मे बलमस्तु। ॐ ऊर्वोर्मे ओजोऽस्तु। ॐ अरिष्टानि मेऽङ्गानि तनूस्तन्वा मे सह सन्तु॥
sabar mantraझाड़ि झाड़ि कापड़ पिन्दि । वीर मुष्टे बांधि बाल । बुले एलाम मशान भूम होते भैरव। कटार हाते। लोहार बाड़ी। बाम हाते चामदड़ि। आज्ञा दिल राजा चुडं हाते । लोहार किला । मुद्गर धिनि। विगलि घुंडिकार आज्ञे 25
navgrah mantraॐ लोहिताक्षाय विद्महे भूलाभाय धीमहि तन्नोऽङ्गारकः प्रचोदयात्।
kaamya mantraॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥