हरिद्रा गणपति तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ हूं गं ग्लौं हरिद्रा गणपतये वर वरद सर्व जन हृदयं स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा
किसी भी प्रकार के अभिचार (Black Magic) का नाश, शत्रुओं और जनमानस का वशीकरण (स्तंभन), तथा विवाह में आने वाली बाधाओं की निवृत्ति 72।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
किसी भी प्रकार के अभिचार (Black Magic) का नाश, शत्रुओं और जनमानस का वशीकरण (स्तंभन), तथा विवाह में आने वाली बाधाओं की निवृत्ति 72।
इस मंत्र से क्या होगा?
किसी भी प्रकार के अभिचार (Black Magic) का नाश, शत्रुओं और जनमानस का वशीकरण (स्तंभन), तथा विवाह में आने वाली बाधाओं की निवृत्ति
जाप विधि
पीत वस्त्र और पीतासन का उपयोग करें। कुल 1,00,000 बार जप, 10,000 आहुतियों का होम, 1000 तर्पण और 100 मार्जन का विधान है। हल्दी के रंग के (स्वर्णिम) गणपति का ध्यान करें 73।
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