शुक्र नवग्रह मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः॥
कला, संगीत, फैशन, मीडिया क्षेत्र में अपार सफलता, असीमित भौतिक समृद्धि, धन संचय और शारीरिक आकर्षण व ओज में तीव्र वृद्धि हेतु यह तांत्रोक्त बीज मंत्र अचूक है। 2
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कला, संगीत, फैशन, मीडिया क्षेत्र में अपार सफलता, असीमित भौतिक समृद्धि, धन संचय और शारीरिक आकर्षण व ओज में तीव्र वृद्धि हेतु यह तांत्रोक्त बीज मंत्र अचूक है। 2
इस मंत्र से क्या होगा?
कला, संगीत, फैशन, मीडिया क्षेत्र में अपार सफलता, असीमित भौतिक समृद्धि, धन संचय और शारीरिक आकर्षण व ओज में तीव्र वृद्धि हेतु यह तांत्रोक्त बीज मंत्र अचूक है
जाप विधि
शुक्रवार को प्रातः या सायं देवी लक्ष्मी की उपासना के साथ सोलह हजार बार चालीस दिनों में जप पूर्ण करें। सुगन्धित इत्र का प्रयोग और श्वेत पुष्पों का अर्पण उत्तम है। 1
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ॐ हूं गं ग्लौं हरिद्रा गणपतये वर वरद सर्व जन हृदयं स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा
mool mantraॐ वराहाय नमः
stotra mantraगदेऽशनिस्पर्शनविस्फुलिङ्गे निष्पिण्ढि निष्पिण्ढ्यजितप्रियासि। कूष्माण्डवैनायकयक्षरक्षोभूतग्रहांश्चूर्णय चूर्णयारीन्।। 7
gyan mantraॐ ऐं सरस्वत्यै नमः ॐ ॥
jap mantraॐ उलटत नरसिंह पलटत काया एहिले नरसिंह तोहे बुलाया जो मोर नाम करत सो मरत परत भैरव चक्कर में उल्टी वेद उसी को लागे कार दुहाई बड़े वीर नरसिंह की दुहाई कामरो कामाख्या देवी की दुहाई अष्टभुज देवी कालिका की दुहाई शिव सतगुरु के बंदे पायो
vaidik mantraॐ अग्न आ याहि वीतये गृणानो हव्यदातये । नि होता सत्सि बर्हिषि ॥