उग्र तारा (त्वरित कार्य सिद्धि) उग्र मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं उग्र तारे तुतारे देवदत्त फट्
जब परिस्थितियां अत्यंत विपरीत हों, शत्रु या तंत्र बाधा से भारी आर्थिक नुकसान हो रहा हो, उसका त्वरित समाधान और नकारात्मक ऊर्जा की शांति 20।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जब परिस्थितियां अत्यंत विपरीत हों, शत्रु या तंत्र बाधा से भारी आर्थिक नुकसान हो रहा हो, उसका त्वरित समाधान और नकारात्मक ऊर्जा की शांति 20।
इस मंत्र से क्या होगा?
जब परिस्थितियां अत्यंत विपरीत हों, शत्रु या तंत्र बाधा से भारी आर्थिक नुकसान हो रहा हो, उसका त्वरित समाधान और नकारात्मक ऊर्जा की शांति
जाप विधि
शक्ति मुद्रा लगाकर आज्ञा चक्र पर ध्यान दें। 10 बार प्राणायाम के बाद लगातार 10 मिनट तक मंगलवार या शनिवार से जाप प्रारंभ करें 20।
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ॐ घृणि सूर्याय नमः
sabar mantraओम चौकी हनुमत वीर की बाण ध्वजा फहराए मारू मारू मारुत सुत मुष्टिक शत्रु नसाय मेरे इष्ट रामचंद्र जी अगुवा हनुमंता वीर चौकी सुदर्शन चक्र की रक्षा करें शरीर टोना ब्रह्म भूत प्रेत संग डाईन डाकिनी सांप बिच्छू चोर बट सब कुछ निष्फल जाई 6
tantrik mantraॐ क्षं कृष्ण वाससे, सिंह वदने, महा वदने, महा भैरवि, सर्व शत्रु कर्म विध्वंसिनि, परमंत्र छेदिनि, सर्व भूत दमनि, सर्व भूतां बंध बंध, सर्व विघ्नान् छिन्दि छिन्दि, सर्व व्याधिं निकृंत निकृंत, सर्व दुष्टान् पक्ष पक्ष, ज्वाल जिव्हे, कराल वक्त्रे, कराल दंष्ट्रे, प्रत्यंगिरे ह्रीं स्वाहा
stotra mantraजिजीविषे नाहमिहामुया कि- मन्तर्बहिश्चावृतयेभयोन्या । इच्छामि कालेन न यस्य विप्लव- स्तस्यात्मलोकावरणस्य मोक्षम ॥ 4
mool mantraॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्यधिपतये धनधान्यसमृद्धिम मे देहि दापय स्वाहा
gyan mantraअहं ब्रह्मास्मि