ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
अक्षोभ्य भैरव (तारा के भैरव)

अक्षोभ्य भैरव (तारा के भैरव) उग्र मंत्र

ॐ स्त्रीं आं अक्षोभ्य स्वाहा

तारा तंत्र की पूर्णता, उग्र ऊर्जा का नियंत्रण व ब्रह्मांडीय संतुलन स्थापित करना 21।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारउग्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

तारा तंत्र की पूर्णता, उग्र ऊर्जा का नियंत्रण व ब्रह्मांडीय संतुलन स्थापित करना 21।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

तारा तंत्र की पूर्णता, उग्र ऊर्जा का नियंत्रण व ब्रह्मांडीय संतुलन स्थापित करना

जाप विधि

तारा साधना के अंतर्गत दक्षिण दिशा में लाल आसन पर बैठकर जप किया जाता है 21।

विशेष टिप्पणियाँ

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