हरिद्रा गणपति (त्र्यक्षर महामंत्र) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ श्रीं ग्लौं फट्
आध्यात्मिक ज्ञान, सर्व कार्य सिद्धि, और अघोर शत्रुओं पर विजय 74।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
आध्यात्मिक ज्ञान, सर्व कार्य सिद्धि, और अघोर शत्रुओं पर विजय 74।
इस मंत्र से क्या होगा?
आध्यात्मिक ज्ञान, सर्व कार्य सिद्धि, और अघोर शत्रुओं पर विजय
जाप विधि
महर्षि वशिष्ठ का स्मरण कर ऋष्यादि न्यास करें (वशिष्ठ ऋषि, गायत्री छन्द, हरिद्रा गणपति देवता)। अंग न्यास और कर न्यास के साथ मूलाधार चक्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए 108 बार नित्य जप करें 74।
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ॐ नमः शिवाय
kavach mantraस्कन्धौ पातु गजस्कन्धः स्तनौ विघ्नविनाशनः । हृदयं गणनाथस्तु हेरम्बो जठरं महान् ॥ धराधरः पातु पार्श्वौ पृष्ठं विघ्नहरः शुभः । लिङ्गं गुह्यं सदा पातु वक्रतुण्डो महाबलः ॥ गणक्रीडो जानुजङ्घे ऊरू मङ्गलमूर्तिमान् । एकदन्तो महाबुद्धिः पादौ गुल्फौ सदाऽवतु ॥ क्षिप्रप्रसादनो बाहू पाणी आशाप्रपूरकः । अङ्गुलीश्च नखान्पातु पद्महस्तोऽरिनाशनः ॥ सर्वाङ्गानि मयूरेशो विश्वव्यापी सदाऽवतु । अनुक्तमपि यत्स्थानं धूम्रकेतुः सदाऽवतु ॥ आमोदस्त्वग्रतः पातु प्रमोदः पृष्ठतोऽवतु । प्राच्यां रक्षतु बुद्धीश आग्नेय्यां सिद्धिदायकः ॥ दक्षिणस्यामुमापुत्रो नैऋत्यां तु गणेश्वरः । प्रतीच्यां विघ्नहर्ताऽव्याद्वायव्यां गजकर्णकः ॥ कौबेर्यां निधिपः पायादीशान्यामीशनन्दनः । दिवाऽव्यादेकदन्तस्तु रात्रौ सन्ध्यासु विघ्नहृत् ॥ 14
gyan mantraॐ वागीश्वर्यै विद्महे वाग्वादिन्यै धीमहि तन्नः सरस्वती प्रचोदयात् ॥
vaidik mantraॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
shanti mantraॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पुर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
navgrah mantraॐ नाकध्वजाय विद्महे पद्महस्ताय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात्।