मातंगी तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा
जीवन के विघ्नों का उग्र शमन, अज्ञान का नाश, तंत्र बाधा निवारण और परम वाक्-सिद्धि की प्राप्ति 36।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
जीवन के विघ्नों का उग्र शमन, अज्ञान का नाश, तंत्र बाधा निवारण और परम वाक्-सिद्धि की प्राप्ति 36।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन के विघ्नों का उग्र शमन, अज्ञान का नाश, तंत्र बाधा निवारण और परम वाक्-सिद्धि की प्राप्ति
जाप विधि
देवी के हरे रंग के आभामंडल का मानसिक ध्यान करते हुए नित्य एकांत में जप करें। यह उच्छिष्ट चांडालिनी स्वरूप का मंत्र है, अतः मानसिक एकाग्रता आवश्यक है 36।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
बर्हापीडं नटवरवपुः कर्णयोः कर्णिकारं बिभ्रद्वासः कनककपिशं वैजयन्तीं च मालाम्। रन्ध्रान् वेणोरधरसुधया पूरयन् गोपवृन्दैर्वृन्दारण्यं स्वपदरमणं प्राविशद् गीतकीर्तिः॥
vaidik mantraॐ समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः । समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति ॥
stotra mantraराम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे । सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥ 16
navgrah mantraॐ गदाहस्ताय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात्।
bhakti mantraहरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
shanti mantraॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥