मातंगी तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा
जीवन के विघ्नों का उग्र शमन, अज्ञान का नाश, तंत्र बाधा निवारण और परम वाक्-सिद्धि की प्राप्ति 36।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन के विघ्नों का उग्र शमन, अज्ञान का नाश, तंत्र बाधा निवारण और परम वाक्-सिद्धि की प्राप्ति 36।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन के विघ्नों का उग्र शमन, अज्ञान का नाश, तंत्र बाधा निवारण और परम वाक्-सिद्धि की प्राप्ति
जाप विधि
देवी के हरे रंग के आभामंडल का मानसिक ध्यान करते हुए नित्य एकांत में जप करें। यह उच्छिष्ट चांडालिनी स्वरूप का मंत्र है, अतः मानसिक एकाग्रता आवश्यक है 36।
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ॐ ऐं ह्रीं महाकालिकायै सर्व शत्रु नाशाय नाशाय
siddh mantraॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं ह्सौः जगत्प्रसूत्यै नमः ॥
gyan mantraॐ नमो भगवति सरस्वती परमेश्वरी वाग्वादिनी मं विद्यां देहि भगवति हंसवाहिनी हंससमारूढा बुद्धिं देहि देहि प्रज्ञां देहि देहि विद्या परमेश्वरी सरस्वती स्वाहा ॥
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bhakti mantraॐ भास्कराय नमः
sabar mantraओम ह्रीम नजर उतरजा कुरु कुरु स्वाहा 26