केतु नवग्रह मंत्र
ॐ गदाहस्ताय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात्।
असाध्य बीमारियों में औषधि के सकारात्मक प्रभाव की वृद्धि (अमृत तत्व) और आत्म-साक्षात्कार (Self-realization) हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
असाध्य बीमारियों में औषधि के सकारात्मक प्रभाव की वृद्धि (अमृत तत्व) और आत्म-साक्षात्कार (Self-realization) हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
असाध्य बीमारियों में औषधि के सकारात्मक प्रभाव की वृद्धि (अमृत तत्व) और आत्म-साक्षात्कार (Self-realization) हेतु
जाप विधि
गुरुवार रात्रि रुद्राक्ष माला से एक सौ आठ बार जप। 16
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