ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
केतु

केतु नवग्रह मंत्र

ॐ गदाहस्ताय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात्।

असाध्य बीमारियों में औषधि के सकारात्मक प्रभाव की वृद्धि (अमृत तत्व) और आत्म-साक्षात्कार (Self-realization) हेतु। 16

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

असाध्य बीमारियों में औषधि के सकारात्मक प्रभाव की वृद्धि (अमृत तत्व) और आत्म-साक्षात्कार (Self-realization) हेतु। 16

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

असाध्य बीमारियों में औषधि के सकारात्मक प्रभाव की वृद्धि (अमृत तत्व) और आत्म-साक्षात्कार (Self-realization) हेतु

जाप विधि

गुरुवार रात्रि रुद्राक्ष माला से एक सौ आठ बार जप। 16

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