सूर्य नवग्रह मंत्र
ॐ प्रभाकराय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।
आलस्य का नाश, कार्यक्षेत्र में नवीन अवसरों की प्राप्ति और जीवन से अंधकारमय परिस्थितियों को दूर कर सकारात्मकता लाने हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
आलस्य का नाश, कार्यक्षेत्र में नवीन अवसरों की प्राप्ति और जीवन से अंधकारमय परिस्थितियों को दूर कर सकारात्मकता लाने हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
आलस्य का नाश, कार्यक्षेत्र में नवीन अवसरों की प्राप्ति और जीवन से अंधकारमय परिस्थितियों को दूर कर सकारात्मकता लाने हेतु
जाप विधि
नित्य प्रातः काल सूर्य नमस्कार के आसनों का अभ्यास करने के पश्चात् पूर्व दिशा की ओर मुख करके इक्कीस बार जप। 16
विशेष टिप्पणियाँ
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