सूर्य नवग्रह मंत्र
ॐ प्रभाकराय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।
आलस्य का नाश, कार्यक्षेत्र में नवीन अवसरों की प्राप्ति और जीवन से अंधकारमय परिस्थितियों को दूर कर सकारात्मकता लाने हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
आलस्य का नाश, कार्यक्षेत्र में नवीन अवसरों की प्राप्ति और जीवन से अंधकारमय परिस्थितियों को दूर कर सकारात्मकता लाने हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
आलस्य का नाश, कार्यक्षेत्र में नवीन अवसरों की प्राप्ति और जीवन से अंधकारमय परिस्थितियों को दूर कर सकारात्मकता लाने हेतु
जाप विधि
नित्य प्रातः काल सूर्य नमस्कार के आसनों का अभ्यास करने के पश्चात् पूर्व दिशा की ओर मुख करके इक्कीस बार जप। 16
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु । सह वीर्यं करवावहै । तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै । ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
stotra mantraया कुन्देन्दु तुषारहार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।। या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।। 28
shanti mantraॐ स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः । गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
ugra mantraॐ अक्षय श्री छिन्नमस्ता देवी जगत निवासनी अदृश्य सिद्धि शून्य गमन विजयै मम सिद्धि देहि देहि प्राण देहि देहि मम अमुक गौत्र अमुक शर्मा ह गुरूत्वाकर्षण शक्ति नाशय शून्य सिद्धि प्राप्तर्थं शक्ति स्याद विनियोग
dhyan mantraअहं ब्रह्मास्मि
beej mantraलं