अष्टसिद्धि योग (गरिमा सिद्धि) सिद्ध मंत्र
ॐ गं गरिमायै नमः स्वाहा ।
स्वयं को अनंत रूप से भारी बना लेने की क्षमता, जिसे कोई हिला न सके 50। आध्यात्मिक रूप से यह साधक को उसके सिद्धांतों और मूल्यों में 'अचल' और दृढ़ बना देता है 50।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
स्वयं को अनंत रूप से भारी बना लेने की क्षमता, जिसे कोई हिला न सके 50। आध्यात्मिक रूप से यह साधक को उसके सिद्धांतों और मूल्यों में 'अचल' और दृढ़ बना देता है 50।
इस मंत्र से क्या होगा?
स्वयं को अनंत रूप से भारी बना लेने की क्षमता, जिसे कोई हिला न सके 50
आध्यात्मिक रूप से यह साधक को उसके सिद्धांतों और मूल्यों में 'अचल' और दृढ़ बना देता है
जाप विधि
शरीर के गुरुत्व केंद्र (Center of Gravity) पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस मंत्र का जप किया जाता है 53।
विशेष टिप्पणियाँ
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beej mantraब्रिं