ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
अष्टसिद्धि योग (गरिमा सिद्धि)

अष्टसिद्धि योग (गरिमा सिद्धि) सिद्ध मंत्र

ॐ गं गरिमायै नमः स्वाहा ।

स्वयं को अनंत रूप से भारी बना लेने की क्षमता, जिसे कोई हिला न सके 50। आध्यात्मिक रूप से यह साधक को उसके सिद्धांतों और मूल्यों में 'अचल' और दृढ़ बना देता है 50।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारसिद्ध मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

स्वयं को अनंत रूप से भारी बना लेने की क्षमता, जिसे कोई हिला न सके 50। आध्यात्मिक रूप से यह साधक को उसके सिद्धांतों और मूल्यों में 'अचल' और दृढ़ बना देता है 50।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

स्वयं को अनंत रूप से भारी बना लेने की क्षमता, जिसे कोई हिला न सके 50

02

आध्यात्मिक रूप से यह साधक को उसके सिद्धांतों और मूल्यों में 'अचल' और दृढ़ बना देता है

जाप विधि

शरीर के गुरुत्व केंद्र (Center of Gravity) पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस मंत्र का जप किया जाता है 53।

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