वाग्देवी / नील सरस्वती (शारदा तिलकम) सिद्ध मंत्र
ॐ नमो भगवती वद वद वाग्देवी स्वाहा
वाक् सिद्धि की प्राप्ति 70। मस्तिष्क के शिक्षण केंद्रों (Learning centers) का पूर्ण सक्रियकरण 71। इससे साधक की वाणी में अचूक प्रभाव आता है और जो कहा जाता है, वह सत्य सिद्ध होने लगता है 70।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
वाक् सिद्धि की प्राप्ति 70। मस्तिष्क के शिक्षण केंद्रों (Learning centers) का पूर्ण सक्रियकरण 71। इससे साधक की वाणी में अचूक प्रभाव आता है और जो कहा जाता है, वह सत्य सिद्ध होने लगता है 70।
इस मंत्र से क्या होगा?
वाक् सिद्धि की प्राप्ति 70
मस्तिष्क के शिक्षण केंद्रों (Learning centers) का पूर्ण सक्रियकरण 71
इससे साधक की वाणी में अचूक प्रभाव आता है और जो कहा जाता है, वह सत्य सिद्ध होने लगता है
जाप विधि
इस मंत्र के जप के समय साधक देवी को आदेशात्मक मुद्रा में स्वयं के भीतर से बोलने (Speak through me) का आह्वान करता है 70।
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः ॥
ugra mantraॐ नमो विपरीत-प्रत्यंगिरायै सहस्त्रानेक-कार्य-लोचनायै कोटि-विद्युज्जिह्वायै महा-व्याव्यापिन्यै संहार-रुपायै जन्म-शान्ति-कारिण्यै। मम स-परिवारकस्य भावि-भूत-भवच्छत्रून् स-दाराऽपत्यान् संहारय संहारय, महा-प्रभावं दर्शय दर्शय, हिलि हिलि, किलि किलि, मिलि मिलि, चिलि चिलि, भूरि भूरि, विद्युज्जिह्वे, ज्वल ज्वल, प्रज्वल प्रज्वल, ध्वंसय ध्वंसय, प्रध्वंसय प्रध्वंसय, ग्रासय ग्रासय, पिब पिब, नाशय नाशय, त्रासय त्रासय, वित्रासय वित्रासय, मारय मारय, विमारय विमारय, भ्रामय भ्रामय, विभ्रामय विभ्रामय, द्रावय द्रावय, विद्रावय विद्रावय हूं हूं फट् स्वाहा।।
shanti mantraॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि । सर्वं ब्रह्मोपनिषदं माहं ब्रह्म निराकुर्यां मा मा ब्रह्म निराकरोदनिराकरणमस्त्वनिराकरणं मे अस्तु । तदात्मनि निरते य उपनिषत्सु धर्मास्ते मयि सन्तु ते मयि सन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
naam mantraहुताशन
navgrah mantraॐ सौम्यरूपाय विद्महे बाणेशाय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्।
bhakti mantraस्वामीये शरणं अय्यप्पा