मातंगी महाविद्या सिद्ध मंत्र
ॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा
वाक् सिद्धि, कला, संगीत और संचार कौशल (Communication) में अद्वितीय निपुणता 43। यह मंत्र मानसिक कोलाहल (Mental noise) को शांत कर वातावरण को सकारात्मक बनाता है 44। इससे साधक में अपार आकर्षण शक्ति आती है
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
वाक् सिद्धि, कला, संगीत और संचार कौशल (Communication) में अद्वितीय निपुणता 43। यह मंत्र मानसिक कोलाहल (Mental noise) को शांत कर वातावरण को सकारात्मक बनाता है 44। इससे साधक में अपार आकर्षण शक्ति आती है और विरोधियों पर पूर्ण तांत्रिक नियंत्रण प्राप्त होता है 43।
इस मंत्र से क्या होगा?
वाक् सिद्धि, कला, संगीत और संचार कौशल (Communication) में अद्वितीय निपुणता 43
यह मंत्र मानसिक कोलाहल (Mental noise) को शांत कर वातावरण को सकारात्मक बनाता है 44
इससे साधक में अपार आकर्षण शक्ति आती है और विरोधियों पर पूर्ण तांत्रिक नियंत्रण प्राप्त होता है
जाप विधि
श्वेत वस्त्र और आसन धारण कर पूर्व की ओर मुख करें 42। लकड़ी के तख्ते पर सफेद कपड़ा बिछाकर मातंगी या सर्व कार्य सिद्धि यंत्र स्थापित करें 42। घी का दीपक जलाकर पीले हकीक की माला से लगातार ४० मिनट या ११ माला जप करें 42। अनुष्ठान पूर्ण होने पर किसी छोटी कन्या को भोजन कराएं 42।
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