माँ सरस्वती मूल मंत्र
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
स्मरण शक्ति का तीव्र विकास, विद्या, कला व संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च सफलता, अज्ञानता का नाश एवं उच्च कोटि की बुद्धि व प्रज्ञा की प्राप्ति 38।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
स्मरण शक्ति का तीव्र विकास, विद्या, कला व संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च सफलता, अज्ञानता का नाश एवं उच्च कोटि की बुद्धि व प्रज्ञा की प्राप्ति 38।
इस मंत्र से क्या होगा?
स्मरण शक्ति का तीव्र विकास, विद्या, कला व संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च सफलता, अज्ञानता का नाश एवं उच्च कोटि की बुद्धि व प्रज्ञा की प्राप्ति
जाप विधि
प्रातःकाल श्वेत वस्त्र धारण कर, पूर्व दिशा की ओर मुख करके स्फटिक या रुद्राक्ष की माला से १०८ बार जप करें 38।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
vaidik mantraॐ यत्प्रज्ञानमुत चेतो धृतिश्च यज्ज्योतिरन्तरमृतं प्रजासु । यस्मान्न ऋते किंचन कर्म क्रियते तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
stotra mantraविज्ञानवृद्धिं हृदये कुरु श्रीः सौभाग्यवृद्धिं कुरु मे गृहे श्रीः । दयासुवृद्धिं कुरुतां मयि श्रीः सुवर्णवृद्धिं कुरु मे गृहे श्रीः ॥ 27
navgrah mantraअर्धकायं महावीर्यं चंद्रादित्य विमर्दनम्। सिंहिकागर्भ सम्भूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्॥
tantrik mantraॐ नमो महा पाशुपतास्त्राय स्मरण मात्रेण प्रकटय प्रकटय शीघ्रं आगच्छ आगच्छ मम सर्व शत्रु सैन्यं विध्वंसय विध्वंसय मारय मारय हुं फट्
bhakti mantraॐ श्री त्रिपुरसुन्दर्यै नमः