ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
माँ सरस्वती

माँ सरस्वती मूल मंत्र

ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः

स्मरण शक्ति का तीव्र विकास, विद्या, कला व संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च सफलता, अज्ञानता का नाश एवं उच्च कोटि की बुद्धि व प्रज्ञा की प्राप्ति 38।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

स्मरण शक्ति का तीव्र विकास, विद्या, कला व संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च सफलता, अज्ञानता का नाश एवं उच्च कोटि की बुद्धि व प्रज्ञा की प्राप्ति 38।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

स्मरण शक्ति का तीव्र विकास, विद्या, कला व संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च सफलता, अज्ञानता का नाश एवं उच्च कोटि की बुद्धि व प्रज्ञा की प्राप्ति

जाप विधि

प्रातःकाल श्वेत वस्त्र धारण कर, पूर्व दिशा की ओर मुख करके स्फटिक या रुद्राक्ष की माला से १०८ बार जप करें 38।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

sabar mantra

ओम नमो आदेश गुरु जी को आदेश पहला गण गणपति 14 विद्या सारथी जति सती कैलाशपति बल भीम मारुती आले विघ्न निवारी साईं गोरखनाथ की दुआही गुरु की शक्ति मेरी भक्ति चले मंत्र ईश्वरी वाचा पिंड कच्चा गुरु गोरखनाथ का शब्द सच्चा 24

stotra mantra

शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् । प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥ 10

vaidik mantra

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥

naam mantra

सुब्रह्मण्य

shanti mantra

ॐ वाङ् मे मनसि प्रतिष्ठिता । मनो मे वाचि प्रतिष्ठितम् । आविरावीर्म एधि । वेदस्य म आणीस्थः । श्रुतं मे मा प्रहासीः । अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

tantrik mantra

ॐ ऐं ऐं महाभैरवि एहि एहि ईशानदिशायां बन्धय बन्धय ईशानमुखं स्तम्भय स्तम्भय ईशानशस्त्रं निवारय निवारय सर्वसैन्यं कीलय कीलय पच पच मथ मथ मर्दय मर्दय ॐ ह्लीं वश्यं कुरु करु ॐ ह्लां बगलामुखि हुं फट् स्वाहा