ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
मातृका देवी / वर्णेश्वरी (मणिपूर चक्र की पंखुड़ियाँ) बीज

मातृका देवी / वर्णेश्वरी (मणिपूर चक्र की पंखुड़ियाँ) बीज बीज मंत्र

डं, ढं, णं, तं, थं, दं, धं, नं, पं, फं

व्यक्तिगत शक्ति, आत्मविश्वास और पाचन अग्नि (Digestive fire) का ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ एकीकरण 3।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारबीज मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

व्यक्तिगत शक्ति, आत्मविश्वास और पाचन अग्नि (Digestive fire) का ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ एकीकरण 3।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

व्यक्तिगत शक्ति, आत्मविश्वास और पाचन अग्नि (Digestive fire) का ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ एकीकरण

जाप विधि

नाभि चक्र की दस पंखुड़ियों पर ध्यान लगाते हुए जप 2।

विशेष टिप्पणियाँ

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