मातृका देवी / वर्णेश्वरी (मणिपूर चक्र की पंखुड़ियाँ) बीज बीज मंत्र
डं, ढं, णं, तं, थं, दं, धं, नं, पं, फं
व्यक्तिगत शक्ति, आत्मविश्वास और पाचन अग्नि (Digestive fire) का ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ एकीकरण 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
व्यक्तिगत शक्ति, आत्मविश्वास और पाचन अग्नि (Digestive fire) का ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ एकीकरण 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
व्यक्तिगत शक्ति, आत्मविश्वास और पाचन अग्नि (Digestive fire) का ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ एकीकरण
जाप विधि
नाभि चक्र की दस पंखुड़ियों पर ध्यान लगाते हुए जप 2।
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