उद्देश्य अनुसार मंत्र
श्री लक्ष्मी-नारायण / लक्ष्मीनारायण हृदय स्तोत्र
श्री लक्ष्मी-नारायण / लक्ष्मीनारायण हृदय स्तोत्र स्तोत्र मंत्र
विज्ञानवृद्धिं हृदये कुरु श्रीः सौभाग्यवृद्धिं कुरु मे गृहे श्रीः । दयासुवृद्धिं कुरुतां मयि श्रीः सुवर्णवृद्धिं कुरु मे गृहे श्रीः ॥ 27
दारिद्र्य व दुःख रूपी अंधकार का शमन, विज्ञान व सौभाग्य की वृद्धि, और घर में लक्ष्मी की स्थिर कृपा 27।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारस्तोत्र मंत्र
प्रयोजन
यह मंत्र क्यों?
दारिद्र्य व दुःख रूपी अंधकार का शमन, विज्ञान व सौभाग्य की वृद्धि, और घर में लक्ष्मी की स्थिर कृपा 27।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दारिद्र्य व दुःख रूपी अंधकार का शमन, विज्ञान व सौभाग्य की वृद्धि, और घर में लक्ष्मी की स्थिर कृपा
जाप विधि
नियमित पारायण के रूप में पाठ करें 27।
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