दत्तात्रेय (तांत्रिक मूल मंत्र) मूल मंत्र
ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः
त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की सम्मिलित कृपा की एक साथ प्राप्ति, गुरु दोष का निवारण, पितृ दोष की शांति एवं पारिवारिक उन्नति 63।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की सम्मिलित कृपा की एक साथ प्राप्ति, गुरु दोष का निवारण, पितृ दोष की शांति एवं पारिवारिक उन्नति 63।
इस मंत्र से क्या होगा?
त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की सम्मिलित कृपा की एक साथ प्राप्ति, गुरु दोष का निवारण, पितृ दोष की शांति एवं पारिवारिक उन्नति
जाप विधि
गुरुवार के दिन स्नानादि के पश्चात् पीले आसन पर बैठकर, उत्तर दिशा की ओर मुख करके रुद्राक्ष की माला से १०८ बार जप करें। इसमें 'द्रां' बीज विशेष फलदायी है 63।
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