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उद्देश्य अनुसार मंत्र
अग्नि

अग्नि मूल मंत्र

ॐ अग्नये नमः

शरीर में ऊर्जा एवं प्राणशक्ति का तीव्र विकास, रोगों का भस्मीकरण, ज्ञान का प्रकाश एवं आध्यात्मिक तेज (ओजस) की प्राप्ति 52।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

शरीर में ऊर्जा एवं प्राणशक्ति का तीव्र विकास, रोगों का भस्मीकरण, ज्ञान का प्रकाश एवं आध्यात्मिक तेज (ओजस) की प्राप्ति 52।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शरीर में ऊर्जा एवं प्राणशक्ति का तीव्र विकास, रोगों का भस्मीकरण, ज्ञान का प्रकाश एवं आध्यात्मिक तेज (ओजस) की प्राप्ति

जाप विधि

हवन या यज्ञ के समय, अथवा नित्य प्रातःकाल आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) की ओर मुख करके रुद्राक्ष माला से जप करें। इसे अग्नि कुण्ड के समक्ष आहुति देते हुए भी जपा जाता है 52।

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