शर्व भैरव उग्र मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं शर्वाय नमः
प्राणिक ऊर्जा का रक्षण और तांत्रिक बाधाओं का उग्रता से निवारण 12।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
प्राणिक ऊर्जा का रक्षण और तांत्रिक बाधाओं का उग्रता से निवारण 12।
इस मंत्र से क्या होगा?
प्राणिक ऊर्जा का रक्षण और तांत्रिक बाधाओं का उग्रता से निवारण
जाप विधि
भैरव तंत्र के विधान अनुसार गुरु मुख से प्राप्त कर विधिवत न्यास और संकल्प के साथ जप 12।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा
sabar mantraरक्षपाल आठवा दंड क्षेत्रपाल भैरव हाथ भर खप्पर तेल सिंदूर रक्षपाल येता अष्ट भैरव सदा रहो कृपाल दंड हमारा पिंड का प्राण वज्र हो काया कर रक्षा काली का पूत आवे दंड जावे दंड सो काल भागे 12 कोस काला दंड शीर कंटक का फोड़ हमको रख दुष्ट को पक ऐता भैरव दंड मंत्र संपूर्ण भया श्री नाथ जी गुरु जी को आदेश आदेश सत्य नमो आदेश गुरु जी को आदेश ओम गुरु 10
naam mantraपाशपाणि
dhyan mantraमनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
gyan mantraमेधादेवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्य माना । त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान् बृहद्वदेम विदथे सुवीराः । त्वया जुष्ट ऋषिर्भवति देवि त्वया ब्रह्माऽऽगतश्रीरुत त्वया । त्वया जुष्टश्चित्रं विन्दते वसु सा नो जुषस्व द्रविणो न मेधे ॥
tantrik mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे