एकादश रुद्र (पिंगल रुद्र) मूल मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं सर्व मङ्गलाय पिङ्गलाय ॐ नमः
जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सर्वमंगल की स्थापना, पारिवारिक सामंजस्य, सकारात्मक ऊर्जा का अटूट प्रवाह एवं लौकिक समृद्धि की प्राप्ति 7।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सर्वमंगल की स्थापना, पारिवारिक सामंजस्य, सकारात्मक ऊर्जा का अटूट प्रवाह एवं लौकिक समृद्धि की प्राप्ति 7।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सर्वमंगल की स्थापना, पारिवारिक सामंजस्य, सकारात्मक ऊर्जा का अटूट प्रवाह एवं लौकिक समृद्धि की प्राप्ति
जाप विधि
प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उत्तर दिशा की ओर मुख करके रुद्राक्ष की माला से न्यूनतम १०८ बार जप की विधि निर्धारित है 7।
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