एकादश रुद्र (पिंगल रुद्र) मूल मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं सर्व मङ्गलाय पिङ्गलाय ॐ नमः
जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सर्वमंगल की स्थापना, पारिवारिक सामंजस्य, सकारात्मक ऊर्जा का अटूट प्रवाह एवं लौकिक समृद्धि की प्राप्ति 7।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सर्वमंगल की स्थापना, पारिवारिक सामंजस्य, सकारात्मक ऊर्जा का अटूट प्रवाह एवं लौकिक समृद्धि की प्राप्ति 7।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सर्वमंगल की स्थापना, पारिवारिक सामंजस्य, सकारात्मक ऊर्जा का अटूट प्रवाह एवं लौकिक समृद्धि की प्राप्ति
जाप विधि
प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उत्तर दिशा की ओर मुख करके रुद्राक्ष की माला से न्यूनतम १०८ बार जप की विधि निर्धारित है 7।
विशेष टिप्पणियाँ
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dhyan mantraॐ
beej mantraरां
sabar mantraमाई नथिया पांचो बावरी पीर गोगा जहार वर तेरे साथ चले चलो इस्माइल जोगी चलो मेरे शब्द पर चलो सत्य पर धर्म पर चलो ना चलो तो आदि शक्ति कामाख्या की आन माता सहजा योगिन की आन शिवशंकर की आन शब्द साचा पेंड काचा देखो इस्माल जोगी तेरे शब्द का तमाशा सत्य का नाम आदेश आदेश आदेश 14