ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
गुरु

गुरु नवग्रह मंत्र

ॐ आङ्गिरसाय विद्महे सुराचार्याय धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात्।

सर्वोच्च ज्ञान (ब्रह्मज्ञान), सकारात्मक ऊर्जा और सात्विक विचारों की अत्यंत तीव्र वृद्धि तथा चारित्रिक बल की प्राप्ति हेतु। 16

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

सर्वोच्च ज्ञान (ब्रह्मज्ञान), सकारात्मक ऊर्जा और सात्विक विचारों की अत्यंत तीव्र वृद्धि तथा चारित्रिक बल की प्राप्ति हेतु। 16

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सर्वोच्च ज्ञान (ब्रह्मज्ञान), सकारात्मक ऊर्जा और सात्विक विचारों की अत्यंत तीव्र वृद्धि तथा चारित्रिक बल की प्राप्ति हेतु

जाप विधि

नित्य प्रातः काल उत्तर-पूर्व मुख होकर इक्कीस या एक सौ आठ बार पाठ। 16

विशेष टिप्पणियाँ

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