शनि नवग्रह मंत्र
ॐ शनैश्चराय विद्महे छायापुत्राय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्।
अकाल मृत्यु भय निवारण, अनुशासन, कड़े परिश्रम करने की क्षमता और आध्यात्मिक वैराग्य की वृद्धि हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अकाल मृत्यु भय निवारण, अनुशासन, कड़े परिश्रम करने की क्षमता और आध्यात्मिक वैराग्य की वृद्धि हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
अकाल मृत्यु भय निवारण, अनुशासन, कड़े परिश्रम करने की क्षमता और आध्यात्मिक वैराग्य की वृद्धि हेतु
जाप विधि
नित्य प्रातः या सायं इक्कीस या एक सौ आठ बार पाठ। 16
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