शनि नवग्रह मंत्र
ॐ शनैश्चराय विद्महे छायापुत्राय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्।
अकाल मृत्यु भय निवारण, अनुशासन, कड़े परिश्रम करने की क्षमता और आध्यात्मिक वैराग्य की वृद्धि हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
अकाल मृत्यु भय निवारण, अनुशासन, कड़े परिश्रम करने की क्षमता और आध्यात्मिक वैराग्य की वृद्धि हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
अकाल मृत्यु भय निवारण, अनुशासन, कड़े परिश्रम करने की क्षमता और आध्यात्मिक वैराग्य की वृद्धि हेतु
जाप विधि
नित्य प्रातः या सायं इक्कीस या एक सौ आठ बार पाठ। 16
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ श्री सीतारामचन्द्राभ्यां नमः
stotra mantraअप्रमेयो हृषीकेशः पद्मनाभोऽमरप्रभुः । विश्वकर्मा मनुस्त्वष्टा स्थविष्ठः स्थविरो ध्रुवः ॥ 12
siddh mantraॐ मं मूषिकायै गणाधिपवाहनाय धर्मराजाय स्वाहा ।
beej mantraग्रां
mool mantraॐ सोमाय स्वाहा
kaamya mantraदेवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥