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उद्देश्य अनुसार मंत्र
निराकार परब्रह्म (हंस / सोऽहम्)

निराकार परब्रह्म (हंस / सोऽहम्) ध्यान मंत्र

सोऽहम्

व्यक्तिगत चेतना (अहं) और सार्वभौमिक चेतना (तत्) के मध्य अद्वैत बोध की प्राप्ति, मन का स्वतः शांत होना, और आत्म-साक्षात्कार।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारध्यान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

व्यक्तिगत चेतना (अहं) और सार्वभौमिक चेतना (तत्) के मध्य अद्वैत बोध की प्राप्ति, मन का स्वतः शांत होना, और आत्म-साक्षात्कार।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

व्यक्तिगत चेतना (अहं) और सार्वभौमिक चेतना (तत्) के मध्य अद्वैत बोध की प्राप्ति, मन का स्वतः शांत होना, और आत्म-साक्षात्कार

जाप विधि

सुखासन या पद्मासन में बैठकर रीढ़ सीधी रखें। आंतरिक दृष्टि भ्रूमध्य पर केंद्रित करें। श्वास अंदर लेते समय 'सो' (So) और बाहर छोड़ते समय 'हम्' (Ham) का मानसिक अजपा जप (बिना होंठ हिलाए) करें।

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