निराकार परब्रह्म (हंस / सोऽहम्) ध्यान मंत्र
सोऽहम्
व्यक्तिगत चेतना (अहं) और सार्वभौमिक चेतना (तत्) के मध्य अद्वैत बोध की प्राप्ति, मन का स्वतः शांत होना, और आत्म-साक्षात्कार।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
व्यक्तिगत चेतना (अहं) और सार्वभौमिक चेतना (तत्) के मध्य अद्वैत बोध की प्राप्ति, मन का स्वतः शांत होना, और आत्म-साक्षात्कार।
इस मंत्र से क्या होगा?
व्यक्तिगत चेतना (अहं) और सार्वभौमिक चेतना (तत्) के मध्य अद्वैत बोध की प्राप्ति, मन का स्वतः शांत होना, और आत्म-साक्षात्कार
जाप विधि
सुखासन या पद्मासन में बैठकर रीढ़ सीधी रखें। आंतरिक दृष्टि भ्रूमध्य पर केंद्रित करें। श्वास अंदर लेते समय 'सो' (So) और बाहर छोड़ते समय 'हम्' (Ham) का मानसिक अजपा जप (बिना होंठ हिलाए) करें।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ सिं सिद्ध्यै नमः स्वाहा ।
naam mantraमहाकाल
gyan mantraउद्गीथ प्रणवोद्गीत सर्व वागीश्वरेश्वर । सर्व वेदमया चिन्त्यः सर्वं बोधय बोधय ॥
stotra mantraश्रीवत्सधामापररात्र ईशः प्रत्यूष ईशोऽसिधरो जनार्दनः। दामोदरोऽव्यादनुसन्ध्यं प्रभाते विश्वेश्वरो भगवान् कालमूर्तिः।। 7
tantrik mantraॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा
sabar mantraओम नमो भूत प्रेत पिशाच दुष्ट दृष्टि विनाशाय ओम क्लीम स्वाहा 27