ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
वैदिक देवता (वरुण)

वैदिक देवता (वरुण) नाम मंत्र

पाशपाणि

ब्रह्मांडीय नियमों (ऋत) का पालन, दंड से बचाव एवं पापों से मुक्ति।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनाम मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

ब्रह्मांडीय नियमों (ऋत) का पालन, दंड से बचाव एवं पापों से मुक्ति।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ब्रह्मांडीय नियमों (ऋत) का पालन, दंड से बचाव एवं पापों से मुक्ति

जाप विधि

नियम भंग होने के भय के समय सतर्कता हेतु जप।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

mool mantra

ॐ नमो भगवते रूद्राय

dhyan mantra

ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचंद्रावतंसं रत्नाकल्पोज्ज्वलांगं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम्। पद्मासीनं समंतात्स्थितममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं विश्वाद्यं विश्वबीजं निखिलभयहरं पंचवक्त्रं त्रिनेत्रम्॥

vaidik mantra

ॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् । स भूमिं विश्वतो वृत्वात्यतिष्ठद्दशांगुलम् ॥

beej mantra

ग्रां

stotra mantra

चक्रं युगान्तानलतिग्मनेमि भ्रमत् समन्ताद् भगवत्प्रयुक्तम्। दन्दग्धि दन्दग्ध्यरिसैन्यमासु कक्षं यथा वातसखो हुताशः।। 7

kaamya mantra

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥