माँ सरस्वती नाम मंत्र
ब्राह्मी
ब्रह्मांडीय चेतना से जुड़ाव एवं सृजनात्मक (Creative) ऊर्जा का विस्फोट।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
ब्रह्मांडीय चेतना से जुड़ाव एवं सृजनात्मक (Creative) ऊर्जा का विस्फोट।
इस मंत्र से क्या होगा?
ब्रह्मांडीय चेतना से जुड़ाव एवं सृजनात्मक (Creative) ऊर्जा का विस्फोट
जाप विधि
प्राणायाम करते हुए श्वास के साथ स्मरण।
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ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट् ॥
kavach mantraस्कन्धौ पातु गजस्कन्धः स्तनौ विघ्नविनाशनः । हृदयं गणनाथस्तु हेरम्बो जठरं महान् ॥ धराधरः पातु पार्श्वौ पृष्ठं विघ्नहरः शुभः । लिङ्गं गुह्यं सदा पातु वक्रतुण्डो महाबलः ॥ गणक्रीडो जानुजङ्घे ऊरू मङ्गलमूर्तिमान् । एकदन्तो महाबुद्धिः पादौ गुल्फौ सदाऽवतु ॥ क्षिप्रप्रसादनो बाहू पाणी आशाप्रपूरकः । अङ्गुलीश्च नखान्पातु पद्महस्तोऽरिनाशनः ॥ सर्वाङ्गानि मयूरेशो विश्वव्यापी सदाऽवतु । अनुक्तमपि यत्स्थानं धूम्रकेतुः सदाऽवतु ॥ आमोदस्त्वग्रतः पातु प्रमोदः पृष्ठतोऽवतु । प्राच्यां रक्षतु बुद्धीश आग्नेय्यां सिद्धिदायकः ॥ दक्षिणस्यामुमापुत्रो नैऋत्यां तु गणेश्वरः । प्रतीच्यां विघ्नहर्ताऽव्याद्वायव्यां गजकर्णकः ॥ कौबेर्यां निधिपः पायादीशान्यामीशनन्दनः । दिवाऽव्यादेकदन्तस्तु रात्रौ सन्ध्यासु विघ्नहृत् ॥ 14
kaamya mantraॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः।
tantrik mantraॐ क्षं कृष्ण वाससे, सिंह वदने, महा वदने, महा भैरवि, सर्व शत्रु कर्म विध्वंसिनि, परमंत्र छेदिनि, सर्व भूत दमनि, सर्व भूतां बंध बंध, सर्व विघ्नान् छिन्दि छिन्दि, सर्व व्याधिं निकृंत निकृंत, सर्व दुष्टान् पक्ष पक्ष, ज्वाल जिव्हे, कराल वक्त्रे, कराल दंष्ट्रे, प्रत्यंगिरे ह्रीं स्वाहा
bhakti mantraजय जय राम कृष्ण हरि
mool mantraॐ नमो हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्