लोक साधना (नजर एवं दृष्टि दोष निवारण) शाबर मंत्र
ओम ह्रीम नजर उतरजा कुरु कुरु स्वाहा 26
इसका विशुद्ध प्रयोजन मानव शरीर, मस्तिष्क और आभामंडल (Aura) पर लगी हुई 'बुरी नजर' (Evil Eye) के नकारात्मक प्रभावों को त्वरित रूप से काटना और नष्ट करना है 26। बुरी नजर के कारण उत्पन्न होने वाली अकारण शा
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
इसका विशुद्ध प्रयोजन मानव शरीर, मस्तिष्क और आभामंडल (Aura) पर लगी हुई 'बुरी नजर' (Evil Eye) के नकारात्मक प्रभावों को त्वरित रूप से काटना और नष्ट करना है 26। बुरी नजर के कारण उत्पन्न होने वाली अकारण शारीरिक व्याधियां, बच्चों का बेवजह का रोना, भूख न लगना, अचानक चिड़चिड़ापन और ऊर्जा के भारी ह्रास को यह मंत्र अपनी 'कुरु कुरु स्वाहा' (जो एक बीजाक्षर मिश्रित शाबर ध्वनि है) की तीव्र ध्वनि तरंगों से भस्म कर देता है और पीड़ित को तत्काल, चमत्कारिक राहत प्रदान करता है 26।
इस मंत्र से क्या होगा?
इसका विशुद्ध प्रयोजन मानव शरीर, मस्तिष्क और आभामंडल (Aura) पर लगी हुई 'बुरी नजर' (Evil Eye) के नकारात्मक प्रभावों को त्वरित रूप से काटना और नष्ट करना है 26
बुरी नजर के कारण उत्पन्न होने वाली अकारण शारीरिक व्याधियां, बच्चों का बेवजह का रोना, भूख न लगना, अचानक चिड़चिड़ापन और ऊर्जा के भारी ह्रास को यह मंत्र अपनी 'कुरु कुरु स्वाहा' (जो एक बीजाक्षर मिश्रित शाबर ध्वनि है) की तीव्र ध्वनि तरंगों से भस्म कर देता है और पीड़ित को तत्काल, चमत्कारिक राहत प्रदान करता है
जाप विधि
यह अत्यंत सरल किंतु स्वयं-सिद्ध ग्रामीण शाबर मंत्र है जिसे सिद्ध करने हेतु किसी पूर्व अनुष्ठान, ग्रहण काल या लंबी सिद्धि प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती 27। जब कोई व्यक्ति (विशेषकर छोटे बच्चे या दुर्बल व्यक्ति) भारी नजर दोष से पीड़ित हो, तो उसे एक स्थान पर बैठाकर या अत्यंत गंभीर स्थिति में बिस्तर पर लिटाकर इस मंत्र के द्वारा 'झाड़ा' लगाया जाता है 26। साधक को मोरपंख, नीम की टहनी या मात्र एक गिलास अभिमंत्रित जल लेकर, इस मंत्र का तीन या सात बार स्पष्ट उच्चारण करते हुए पीड़ित के सिर से पैर तक झाड़ना होता है 26। यदि साधक स्वयं नजर दोष से पीड़ित है और कोई अन्य उपस्थित नहीं है, तो वह अपने किसी प्रियजन या मित्र से यह प्रयोग अपने ऊपर करवा सकता है। आवश्यकता महसूस होने पर इस प्रक्रिया को अगले दिन पुनः दोहराया जा सकता है 26।
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