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उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान विघ्नेश्वर (गजानन)

भगवान विघ्नेश्वर (गजानन) ध्यान मंत्र

गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्। उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥

ध्यान के मार्ग में आने वाले मानसिक व भौतिक विघ्नों का निवारण, चित्त के शोक का नाश, और साधना की निर्विघ्न पूर्णता।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारध्यान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

ध्यान के मार्ग में आने वाले मानसिक व भौतिक विघ्नों का निवारण, चित्त के शोक का नाश, और साधना की निर्विघ्न पूर्णता।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ध्यान के मार्ग में आने वाले मानसिक व भौतिक विघ्नों का निवारण, चित्त के शोक का नाश, और साधना की निर्विघ्न पूर्णता

जाप विधि

ध्यान साधना या किसी भी नवीन कार्य से पूर्व इसे 11 या 16 बार मानसिक या वाचिक रूप से जपें। भगवान गणेश के गजमुख वाले स्वरूप का स्मरण करते हुए उनके चरणों में स्वयं को समर्पित करें।

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