राहु मूल मंत्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः (सामान्य मूल: ॐ राहवे नमः)
मानसिक भ्रम का नाश, राहु महादशा के दुष्प्रभावों की शांति, आकस्मिक धन लाभ, राजनीतिक सफलता एवं अतीन्द्रिय क्षमता (Charisma) का विकास 47।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मानसिक भ्रम का नाश, राहु महादशा के दुष्प्रभावों की शांति, आकस्मिक धन लाभ, राजनीतिक सफलता एवं अतीन्द्रिय क्षमता (Charisma) का विकास 47।
इस मंत्र से क्या होगा?
मानसिक भ्रम का नाश, राहु महादशा के दुष्प्रभावों की शांति, आकस्मिक धन लाभ, राजनीतिक सफलता एवं अतीन्द्रिय क्षमता (Charisma) का विकास
जाप विधि
शनिवार या बुधवार की रात्रि में नीले वस्त्र पर बैठकर दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर मुख करके रुद्राक्ष या अष्टधातु माला से जप करें। अनुष्ठान में १८,००० की संख्या निर्धारित है 47।
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