एकादश रुद्र (चण्ड रुद्र) मूल मंत्र
ॐ चुं चण्डीश्वराय तेजस्याय चुं ॐ फट्
तेज और ओज में असीमित वृद्धि, गुप्त एवं प्रत्यक्ष शत्रुओं का कठोर दमन तथा समाज में वर्चस्व की स्थापना 7।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
तेज और ओज में असीमित वृद्धि, गुप्त एवं प्रत्यक्ष शत्रुओं का कठोर दमन तथा समाज में वर्चस्व की स्थापना 7।
इस मंत्र से क्या होगा?
तेज और ओज में असीमित वृद्धि, गुप्त एवं प्रत्यक्ष शत्रुओं का कठोर दमन तथा समाज में वर्चस्व की स्थापना
जाप विधि
एकांत स्थान पर रुद्राक्ष की माला से उग्र एकाग्रता के साथ जप करें 7।
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