ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
श्री राधा

श्री राधा मूल मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं क्लीं श्रीं राम् श्रीं ॐ राधायै स्वाहा ॐ

शारीरिक आकर्षण एवं रूप-सौंदर्य में वृद्धि, प्रेम संबंधों व दांपत्य जीवन में मधुरता, तथा भगवान कृष्ण के दिव्य माधुर्य प्रेम की प्राप्ति 40।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

शारीरिक आकर्षण एवं रूप-सौंदर्य में वृद्धि, प्रेम संबंधों व दांपत्य जीवन में मधुरता, तथा भगवान कृष्ण के दिव्य माधुर्य प्रेम की प्राप्ति 40।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शारीरिक आकर्षण एवं रूप-सौंदर्य में वृद्धि, प्रेम संबंधों व दांपत्य जीवन में मधुरता, तथा भगवान कृष्ण के दिव्य माधुर्य प्रेम की प्राप्ति

जाप विधि

प्रातःकाल स्नानादि के उपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण कर, तुलसी की माला पर १०८ बार जप करें 40।

विशेष टिप्पणियाँ

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