भगवान हनुमान नाम मंत्र
पवनपुत्र
शरीर में प्राणवायु (ऑक्सीजन) का संचार, फेफड़ों व श्वास के रोगों से मुक्ति एवं ऊर्जा।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शरीर में प्राणवायु (ऑक्सीजन) का संचार, फेफड़ों व श्वास के रोगों से मुक्ति एवं ऊर्जा।
इस मंत्र से क्या होगा?
शरीर में प्राणवायु (ऑक्सीजन) का संचार, फेफड़ों व श्वास के रोगों से मुक्ति एवं ऊर्जा
जाप विधि
प्राणायाम (Deep Breathing) करते समय श्वास के साथ मानसिक स्मरण।
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लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
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sabar mantraभैरव शिव का चेला जहां जहां-जहां जाऊं नगर डगर लगे वहां फिर मेला शिव का धुना गोरख तापे काल कंटक थर थर कांपे मेरी रक्षा करें नवनाथ रामदूत हनुमंत रिद्धि सिद्धि आंगन विराजे माई अन्नपूर्णा सुखवंत शब्द सांचा पिंड काचा चलो मंत्र ईश्वर वाचा ओम गुरु जी गोरख जति मच्छिंद्र का चेला शिव के रूप में दिखे अलबेला कानों कुंडल गले में नादी हाथ त्रिशूल नाथ है आदि अलख पुरुष को करूं आदेश जन्म जन्म के काटो कलेश भगवा वेश हाथ में खप्पर भैरव शिव का चेला जहां जहां जाऊं नगर डगर लगे वहां फिर मेला शिव का धुना गोरख तापे काल कंटक थर थर कांपे मेरी रक्षा करें नवनाथ रामदूत हनुमंत रिद्धि सिद्धि आंगन विराजे माई अन्नपूर्णा सुखवंत शब्द सांचा पिंड कांचा चलो मंत्र ईश्वर वाचा 2
dhyan mantraअहं ब्रह्मास्मि
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