अन्य वैदिक देवता नाम मंत्र
पूषन
यात्रा मार्ग में पूर्ण सुरक्षा, खोए हुए मार्ग का मिलना एवं पोषण की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
यात्रा मार्ग में पूर्ण सुरक्षा, खोए हुए मार्ग का मिलना एवं पोषण की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
यात्रा मार्ग में पूर्ण सुरक्षा, खोए हुए मार्ग का मिलना एवं पोषण की प्राप्ति
जाप विधि
लंबी यात्रा पर निकलने से पूर्व वैखरी उच्चारण।
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ॐ गं गणपतये नमः
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
jap mantraॐ कालभैरवाय नमः
gyan mantraयोगीश्वरो महासेनः कार्तिकेयोऽग्निनन्दनः । स्कंदः कुमारः सेनानी स्वामी शंकरसंभवः ॥ गांगेयस्ताम्रचूडश्च ब्रह्मचारी शिखिध्वजः । तारकारिरुमापुत्रः क्रोधारिश्च षडाननः ॥ शब्दब्रह्मसमुद्रश्च सिद्धः सारस्वतो गुहः । सनत्कुमारो भगवान् भोगमोक्षफलप्रदः ॥ शरजन्मा गणाधीशः पूर्वजो मुक्तिमार्गकृत् । सर्वागमप्रणेता च वांछितार्थप्रदर्शनः ॥ अष्टाविंशतिनामानि मदीयानीति यः पठेत् । प्रत्यूषं श्रद्धया युक्तो मूको वाचस्पतिर्भवेत् ॥ महामंत्रमयानीति मम नामानुकीर्तनात् । महाप्रज्ञामवाप्नोति नात्र कार्या विचारणा ॥
kaamya mantraॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
kavach mantraसकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17