वैदिक देवता (इंद्र) नाम मंत्र
इंद्र
नेतृत्व, सत्ता प्राप्ति, बारिश (जल-सुख) एवं भौतिक समृद्धि।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
नेतृत्व, सत्ता प्राप्ति, बारिश (जल-सुख) एवं भौतिक समृद्धि।
इस मंत्र से क्या होगा?
नेतृत्व, सत्ता प्राप्ति, बारिश (जल-सुख) एवं भौतिक समृद्धि
जाप विधि
वर्षा या प्राकृतिक सौंदर्य देखते समय मानसिक जप।
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ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
kavach mantraसकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17
beej mantraप्रौं
ugra mantraॐ भम भैरवाय नमस्तुभ्यम कपाले कृपणाय चंड मुंड विनाशाय वीरभद्र स्वरूपण सर्वत्र प्रभ देव रक्षक सुरा त्रोक्य विजय संभो नमस्ते काल रूपण ओम छम काल भैरवाय क्रूर रूपाय विकिरण मूर्धने श्री नेत्राय खग धणे दुर्जया भय हराय सर्व शत्रु संारकाय स्वाहा
dhyan mantraॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
stotra mantraन मां त्यजेथाः श्रितकल्पवल्लि सद्भक्ति-चिन्तामणि-कामधेनो । न मां त्यजेथा भव सुप्रसन्ने गृहे कलत्रेषु च पुत्रवर्गे ॥ 27