ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
माँ लक्ष्मी

माँ लक्ष्मी नाम मंत्र

नारायणी

धर्म के मार्ग से धन की प्राप्ति, पारिवारिक शांति एवं विष्णु-कृपा।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनाम मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

धर्म के मार्ग से धन की प्राप्ति, पारिवारिक शांति एवं विष्णु-कृपा।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

धर्म के मार्ग से धन की प्राप्ति, पारिवारिक शांति एवं विष्णु-कृपा

जाप विधि

भगवान विष्णु के साथ युगल ध्यान करते हुए श्वास के साथ जप।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

kavach mantra

ॐ यद्गुह्यं परमं लोके सर्वरक्षाकरं नृणाम्। यन्न कस्यचिदाख्यातं तन्मे ब्रूहि पितामह॥ अस्ति गुह्यतमं विप्र सर्वभूतोपकारकम्। देव्यास्तु कवचं पुण्यं तच्छृणुष्व महामुने॥ प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥ पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः। उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना॥ शाकिनी तथा अंतरिक्षचरा घोरा डाकिन्यश्च महाबलाय प्रभु तपिश न धीर वृषभ वृषभ लो कुष्मांडा ब्रॉदर यह नश्यंति दर्शनात्तस्य कवचे 9

sabar mantra

माई नथिया पांचो बावरी पीर गोगा जहार वर तेरे साथ चले चलो इस्माइल जोगी चलो मेरे शब्द पर चलो सत्य पर धर्म पर चलो ना चलो तो आदि शक्ति कामाख्या की आन माता सहजा योगिन की आन शिवशंकर की आन शब्द साचा पेंड काचा देखो इस्माल जोगी तेरे शब्द का तमाशा सत्य का नाम आदेश आदेश आदेश 14

tantrik mantra

ॐ क्षं कृष्ण वाससे, सिंह वदने, महा वदने, महा भैरवि, सर्व शत्रु कर्म विध्वंसिनि, परमंत्र छेदिनि, सर्व भूत दमनि, सर्व भूतां बंध बंध, सर्व विघ्नान् छिन्दि छिन्दि, सर्व व्याधिं निकृंत निकृंत, सर्व दुष्टान् पक्ष पक्ष, ज्वाल जिव्हे, कराल वक्त्रे, कराल दंष्ट्रे, प्रत्यंगिरे ह्रीं स्वाहा

ugra mantra

ॐ स्त्रीं आं अक्षोभ्य स्वाहा

jap mantra

ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः

siddh mantra

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः ॥