माँ सरस्वती नाम मंत्र
ज्ञानदा
सर्वोच्च आध्यात्मिक ज्ञान (ब्रह्मज्ञान) एवं आत्म-बोध की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्वोच्च आध्यात्मिक ज्ञान (ब्रह्मज्ञान) एवं आत्म-बोध की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्वोच्च आध्यात्मिक ज्ञान (ब्रह्मज्ञान) एवं आत्म-बोध की प्राप्ति
जाप विधि
आज्ञा चक्र (दोनों भौहों के बीच) पर ध्यान केंद्रित कर मानसिक जप।
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ श्रीं बं सौं बलवर्धनाय बालेश्वराय रुद्राय फट् ॐ
kaamya mantraसृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते॥
ugra mantraॐ भम भैरवाय नमस्तुभ्यम कपाले कृपणाय चंड मुंड विनाशाय वीरभद्र स्वरूपण सर्वत्र प्रभ देव रक्षक सुरा त्रोक्य विजय संभो नमस्ते काल रूपण ओम छम काल भैरवाय क्रूर रूपाय विकिरण मूर्धने श्री नेत्राय खग धणे दुर्जया भय हराय सर्व शत्रु संारकाय स्वाहा
sabar mantraझाड़ि झाड़ि कापड़ पिन्दि । वीर मुष्टे बांधि बाल । बुले एलाम मशान भूम होते भैरव। कटार हाते। लोहार बाड़ी। बाम हाते चामदड़ि। आज्ञा दिल राजा चुडं हाते । लोहार किला । मुद्गर धिनि। विगलि घुंडिकार आज्ञे 25
dhyan mantraगुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
tantrik mantraॐ नमो भगवते महानृसिंहाय सिंहाय सिंहमुखाय विकटाय वज्रनखाय मां रक्ष रक्ष ममशरीरं नखशिखापर्यन्तं रक्ष रक्ष कुरु कुरु मदीयं शरीरं वज्राङ्गम् कुरु कुरु परयन्त्र परमन्त्र परतन्त्राणां क्षिणु क्षिणु स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा