माँ सरस्वती नाम मंत्र
ज्ञानदा
सर्वोच्च आध्यात्मिक ज्ञान (ब्रह्मज्ञान) एवं आत्म-बोध की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्वोच्च आध्यात्मिक ज्ञान (ब्रह्मज्ञान) एवं आत्म-बोध की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्वोच्च आध्यात्मिक ज्ञान (ब्रह्मज्ञान) एवं आत्म-बोध की प्राप्ति
जाप विधि
आज्ञा चक्र (दोनों भौहों के बीच) पर ध्यान केंद्रित कर मानसिक जप।
विशेष टिप्पणियाँ
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गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्। उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥
beej mantraब्रौं
sabar mantraऊँ नमो आदेश गुरु गोरखनाथ की। शत्रु सवा लाख, एक मरे तो सब सिधाय 13
kavach mantraॐ यद्गुह्यं परमं लोके सर्वरक्षाकरं नृणाम्। यन्न कस्यचिदाख्यातं तन्मे ब्रूहि पितामह॥ अस्ति गुह्यतमं विप्र सर्वभूतोपकारकम्। देव्यास्तु कवचं पुण्यं तच्छृणुष्व महामुने॥ प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥ पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः। उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना॥ शाकिनी तथा अंतरिक्षचरा घोरा डाकिन्यश्च महाबलाय प्रभु तपिश न धीर वृषभ वृषभ लो कुष्मांडा ब्रॉदर यह नश्यंति दर्शनात्तस्य कवचे 9
kaamya mantraसृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते॥
jap mantraॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय वैराजमूर्तये मेघात्मने श्रीं नरसिंहवपुषे नमः