भगवान विष्णु नाम मंत्र
हरि
जन्म-जन्मांतर के संचित पापों का हरण, कर्म बंधनों का कटना एवं शुद्ध चेतना का जागरण।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
जन्म-जन्मांतर के संचित पापों का हरण, कर्म बंधनों का कटना एवं शुद्ध चेतना का जागरण।
इस मंत्र से क्या होगा?
जन्म-जन्मांतर के संचित पापों का हरण, कर्म बंधनों का कटना एवं शुद्ध चेतना का जागरण
जाप विधि
श्वास छोड़ते और लेते समय अजपा जप (निरंतर बिना प्रयास के)।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ सूर्याचन्द्रमसौ धाता यथा पूर्वमकल्पयत् । दिवं च पृथिवीं च अन्तरिक्षमथो स्वः ॥
jap mantraॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
gyan mantraॐ श्रीं ह्लौं ॐ नमो भगवते हयग्रीवाय विष्णवे मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा ॥
stotra mantraकुंचितै: कुन्तलैर्भ्राजमानाननं रत्नमौलिं लसत्कुण्डलं गण्डयो:। हारकेयूरकं कंकणप्रोज्ज्वलं किंकिणीमंजुलं श्यामलं तं भजे।। 9
mool mantraॐ वामनाय नमः
tantrik mantraॐ क्रीं क्रीं क्रीं ॐ ह्रीं ह्रीं हूं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा