नवग्रह (मंगल) नाम मंत्र
भूमिपुत्र
भवन निर्माण में आने वाली बाधाओं का नाश एवं भूमि का सुख।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भवन निर्माण में आने वाली बाधाओं का नाश एवं भूमि का सुख।
इस मंत्र से क्या होगा?
भवन निर्माण में आने वाली बाधाओं का नाश एवं भूमि का सुख
जाप विधि
मकान की नींव रखते समय या नया घर खरीदते समय स्मरण।
विशेष टिप्पणियाँ
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सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयंकरि । सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ 29
sabar mantraधन जैसे चुंबक खींचे लोह गोरख की आज्ञा टले नहीं मिटे साधक का मोह कीड़ा जागे पिंगला जागे सुष्मना का खुले द्वार जब तीनों नाड़ी जागे धन आवे बारंबार जैसे गंगा बहे अविरल जैसे सूरज देत उजास वैसे मेरे घर में लक्ष्मी करे सदा ही वास रुका धन चले बंद धन खुले आवे चहुं ओर से धन गोरख का शब्द सांचा रे सांचा रे गुरु का मन काल का भी काल है गोरख तीनों लोक बसेरा जो गोरख का नाम ले साधक उसका होए उजेरा उठ उठ लक्ष्मी आव बैठ मेरे द्वार गोरख की आज्ञा लेकर आव कर मेरा उद्धार शब्द सांचा पिंड कांचा सांची गुरु की बानी हुकुम गोरखनाथ का चले यही नाथ की निशानी 5
ugra mantraॐ ह्रीं क्लीं हूँ मातंग्यै फट् स्वाहा
jap mantraॐ श्रीं गं गणपतये नमः
navgrah mantraप्रियंगुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम्। सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम्॥
shanti mantraॐ वाङ् मे मनसि प्रतिष्ठिता । मनो मे वाचि प्रतिष्ठितम् । आविरावीर्म एधि । वेदस्य म आणीस्थः । श्रुतं मे मा प्रहासीः । अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥