माँ लक्ष्मी नाम मंत्र
पद्मा
संसार रूपी कीचड़ में निर्लिप्त रहते हुए वैभव और सुखों का उपभोग।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
संसार रूपी कीचड़ में निर्लिप्त रहते हुए वैभव और सुखों का उपभोग।
इस मंत्र से क्या होगा?
संसार रूपी कीचड़ में निर्लिप्त रहते हुए वैभव और सुखों का उपभोग
जाप विधि
जल या कमल पुष्प को देखते हुए अत्यंत शांत चित्त से मानसिक जप।
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सकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17
jap mantraॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
siddh mantraॐ अघोरेभ्यः अथ घोरेभ्यो घोरघोरतरेभ्यश्च । सर्वतः शर्व सर्वेभ्यो नमस्ते रुद्ररूपेभ्यः ॥
tantrik mantraॐ ह्रीं ऐं मातंग्यै नमः
sabar mantraओम चौकी हनुमत वीर की बाण ध्वजा फहराए मारू मारू मारुत सुत मुष्टिक शत्रु नसाय मेरे इष्ट रामचंद्र जी अगुवा हनुमंता वीर चौकी सुदर्शन चक्र की रक्षा करें शरीर टोना ब्रह्म भूत प्रेत संग डाईन डाकिनी सांप बिच्छू चोर बट सब कुछ निष्फल जाई 6
gyan mantraॐ अर्हं मुखकमलवासिनी पापात्मक्षयंकारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा ॥