भगवान (कल्कि अवतार) नाम मंत्र
कल्कि
अधर्म का नाश, नवीन युग (सतयुग) की चेतना का जागरण एवं आसुरी शक्तियों से मुक्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
अधर्म का नाश, नवीन युग (सतयुग) की चेतना का जागरण एवं आसुरी शक्तियों से मुक्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
अधर्म का नाश, नवीन युग (सतयुग) की चेतना का जागरण एवं आसुरी शक्तियों से मुक्ति
जाप विधि
कलयुग के दोषों और घोर निराशा के समय मानसिक स्मरण।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ येनेदं भूतं भुवनं भविष्यत् परिगृहीतममृतेन सर्वम् । येन यज्ञस्तायते सप्तहोता तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
jap mantraॐ नमो नृसिंहाय हिरण्यकश्यप-वक्ष-स्थल-विदारणाय त्रिभुवनव्यापकाय भूत, प्रेत, पिशाच, डाकिनी कुलोन्मूल नाशाय स्तम्भोद्भवाय समस्तदोषान् हर-हर विसर-विसर पच-पच-हन-हन-कम्पय-कम्पय मथ-मथ ह्रीं ह्रीं फट् फट् एह्येहि रुद्र आज्ञापयति स्वाहा
gyan mantraअहं ब्रह्मास्मि
stotra mantraव्यासं वसिष्ठनप्तारं शक्तेः पौत्रमकल्मषम् । पराशरात्मजं वन्दे शुकतातं तपोनिधिम् ॥ 10
mool mantraॐ नमः शिवाय
tantrik mantraॐ ह्रीं ऐं क्लीं श्री बगलाने मम रिपून नाशय नाशय ममैश्वर्याणि देहि देहि शीघ्रं मनोवांछितं साधय साधय ह्रीं स्वाहा