भगवान (कल्कि अवतार) नाम मंत्र
कल्कि
अधर्म का नाश, नवीन युग (सतयुग) की चेतना का जागरण एवं आसुरी शक्तियों से मुक्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अधर्म का नाश, नवीन युग (सतयुग) की चेतना का जागरण एवं आसुरी शक्तियों से मुक्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
अधर्म का नाश, नवीन युग (सतयुग) की चेतना का जागरण एवं आसुरी शक्तियों से मुक्ति
जाप विधि
कलयुग के दोषों और घोर निराशा के समय मानसिक स्मरण।
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क्षीरोदन्वत्प्रदेशे शुचिमणिविलसत्सैकतेमौक्तिकानां मालाक्लृप्तासनस्थः स्फटिकमणिनिभैमौक्तिकैर्मण्डिताङ्गः। शुभ्रैरभ्रैरदभ्रैरुपरिविरचितैर्मुक्तपीयूष वर्षेः आनन्दी नः पुनीयादरिनलिनगदा शङ्खपाणिर्मुकुन्दः ॥ 10
beej mantraश्रौं
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siddh mantraॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट् ॥
vaidik mantraॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षं शान्ति: पृथिवी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति: । वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति: सर्वं शान्ति: शान्तिरेव शान्ति: सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति: ॥
dhyan mantraअहं ब्रह्मास्मि