भगवान गणेश नाम मंत्र
एकदंत
लेखन कार्य में पूर्ण एकाग्रता, बुद्धि का तीक्ष्ण होना एवं लक्ष्य हेतु त्याग की भावना।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
लेखन कार्य में पूर्ण एकाग्रता, बुद्धि का तीक्ष्ण होना एवं लक्ष्य हेतु त्याग की भावना।
इस मंत्र से क्या होगा?
लेखन कार्य में पूर्ण एकाग्रता, बुद्धि का तीक्ष्ण होना एवं लक्ष्य हेतु त्याग की भावना
जाप विधि
लेखनी या कोई भी बौद्धिक अध्ययन शुरू करने से पूर्व स्मरण।
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व्यासं वसिष्ठनप्तारं शक्तेः पौत्रमकल्मषम् । पराशरात्मजं वन्दे शुकतातं तपोनिधिम् ॥ 10
sabar mantraभैरव शिव का चेला जहां जहां-जहां जाऊं नगर डगर लगे वहां फिर मेला शिव का धुना गोरख तापे काल कंटक थर थर कांपे मेरी रक्षा करें नवनाथ रामदूत हनुमंत रिद्धि सिद्धि आंगन विराजे माई अन्नपूर्णा सुखवंत शब्द सांचा पिंड काचा चलो मंत्र ईश्वर वाचा ओम गुरु जी गोरख जति मच्छिंद्र का चेला शिव के रूप में दिखे अलबेला कानों कुंडल गले में नादी हाथ त्रिशूल नाथ है आदि अलख पुरुष को करूं आदेश जन्म जन्म के काटो कलेश भगवा वेश हाथ में खप्पर भैरव शिव का चेला जहां जहां जाऊं नगर डगर लगे वहां फिर मेला शिव का धुना गोरख तापे काल कंटक थर थर कांपे मेरी रक्षा करें नवनाथ रामदूत हनुमंत रिद्धि सिद्धि आंगन विराजे माई अन्नपूर्णा सुखवंत शब्द सांचा पिंड कांचा चलो मंत्र ईश्वर वाचा 2
vaidik mantraॐ अग्ने विवस्वदा भरास्मभ्यमूतये महे । देवो हासि नो दृशे ॥
shanti mantraॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
bhakti mantraराम बोलो राम बोलो बोलो बोलो राम
tantrik mantraॐ काल कालाय विद्महे कालातीताय धीमहि तन्नो भैरव प्रचोदयात्