भगवान विष्णु नाम मंत्र
श्रीमन नारायण
धन, वैभव, कीर्ति, सामाजिक प्रतिष्ठा और आध्यात्मिक उत्थान का एक साथ लाभ।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
धन, वैभव, कीर्ति, सामाजिक प्रतिष्ठा और आध्यात्मिक उत्थान का एक साथ लाभ।
इस मंत्र से क्या होगा?
धन, वैभव, कीर्ति, सामाजिक प्रतिष्ठा और आध्यात्मिक उत्थान का एक साथ लाभ
जाप विधि
सस्वर सामूहिक संकीर्तन या करताल के साथ वैखरी उच्चारण।
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shanti mantraॐ शं नो मित्रः शं वरुणः । शं नो भवत्वर्यमा । शं न इन्द्रो बृहस्पतिः । शं नो विष्णुरुरुक्रमः । नमो ब्रह्मणे । नमस्ते वायो । त्वमेव प्रत्यक्षं ब्रह्मासि । त्वामेव प्रत्यक्षं ब्रह्म वदिष्यामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
gyan mantraॐ श्री हयग्रीवाय नमः ॥
stotra mantraमामुग्रधर्मादखिलात् प्रमादान्नारायणः पातु नरश्च हासात्। दत्तस्त्वयोगादथ योगनाथः पायाद् गुणेशः कपिलः कर्मबन्धात्।। 7
tantrik mantraॐ ऐं ऐं महाभैरवि एहि एहि ईशानदिशायां बन्धय बन्धय ईशानमुखं स्तम्भय स्तम्भय ईशानशस्त्रं निवारय निवारय सर्वसैन्यं कीलय कीलय पच पच मथ मथ मर्दय मर्दय ॐ ह्लीं वश्यं कुरु करु ॐ ह्लां बगलामुखि हुं फट् स्वाहा
sabar mantraक्रिम कामाख्या माई निज भैरव के संग आई देवे मनोवांछित सिद्धि पूरे सब कामना लेवे अडहुल का फूल सब स्त्री तोरा रूप मनसा पूरो माई तो शंकर की दुहाई क्रिंग क्रिंग क्रीम 18