ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान राम

भगवान राम नाम मंत्र

अवधेश

पैतृक संपत्ति से संबंधित विवादों का शमन, भूमि लाभ एवं राज्य सुख की प्राप्ति।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनाम मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

पैतृक संपत्ति से संबंधित विवादों का शमन, भूमि लाभ एवं राज्य सुख की प्राप्ति।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

पैतृक संपत्ति से संबंधित विवादों का शमन, भूमि लाभ एवं राज्य सुख की प्राप्ति

जाप विधि

नेत्र बंद करके अयोध्या के राज्यासन का ध्यान करते हुए मानसिक स्मरण।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

ugra mantra

ॐ लां लाकिन्यै नमः

tantrik mantra

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ॐ ह्रीं ह्रीं हूं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा

sabar mantra

ओम गुरु जी शिव बैठे कैलाश विष्णु बैठे बैकुंठ मेरी भक्ति शिव की शक्ति पूजू अमुक देव मनाऊं तो आवे ना आवे तो दुहाई शिव शंकर की दुहाई माता काली की दुहाई गुरु गोरखनाथ की 1

kavach mantra

ऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः। एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्। पातालभूतलव्योम- चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः। रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्। नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति। जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम्। 34

gyan mantra

अहं ब्रह्मास्मि

bhakti mantra

सीता राम सीता राम जय जय सीता राम