ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
माँ दुर्गा

माँ दुर्गा नाम मंत्र

शेरावाली

शत्रुओं और दुष्टों के हृदय में भय उत्पन्न करना एवं स्वयं को सिंह के समान निर्भय बनाना।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनाम मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

शत्रुओं और दुष्टों के हृदय में भय उत्पन्न करना एवं स्वयं को सिंह के समान निर्भय बनाना।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शत्रुओं और दुष्टों के हृदय में भय उत्पन्न करना एवं स्वयं को सिंह के समान निर्भय बनाना

जाप विधि

भय या शत्रु बाधा के समय उच्च स्वर में वैखरी जप।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

bhakti mantra

ॐ नमो नारायणाय

stotra mantra

यथैकात्म्यानुभावानां विकल्परहितः स्वयम्। भूषणायुद्धलिङ्गाख्या धत्ते शक्तीः स्वमायया। 7

ugra mantra

ॐ खं खं खं सर्व शत्रु संहारणाय स्वाहा

sabar mantra

क्रिम कामाख्या माई निज भैरव के संग आई देवे मनोवांछित सिद्धि पूरे सब कामना लेवे अडहुल का फूल सब स्त्री तोरा रूप मनसा पूरो माई तो शंकर की दुहाई क्रिंग क्रिंग क्रीम 18

navgrah mantra

ॐ केतुं कृण्वन्नकेतवे पेशो मर्या अपेशसे। समुषद्भिरजायथा:।।

kavach mantra

नासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । आंगो पांगानी सर्वानी रक्षे में सूर्य नंदन इत्तेत कवच देव पठे सूर्य सुतस्य यह नतस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्य जह व्यय जन्म द्वितीय मृत्यु स्थान गतो पिवा कलस्थो गतो वापी सुप्रीतु सदाशनी अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्म द्वितीयगे। कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्। इत्य तत कवचम दिव्यम सौरे निर्मित पुरा जन्म लग्न स्थिता दोषा सर्वान नाश्यते प्रभु इति शनि कवच संपूर्णं ॥ 20