भगवान विष्णु नाम मंत्र
पुण्डरीकाक्ष
दिनभर के कार्यों में पवित्रता, उत्तम दूरदृष्टि (Vision) एवं आत्मिक ज्ञान का प्रकाश।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
दिनभर के कार्यों में पवित्रता, उत्तम दूरदृष्टि (Vision) एवं आत्मिक ज्ञान का प्रकाश।
इस मंत्र से क्या होगा?
दिनभर के कार्यों में पवित्रता, उत्तम दूरदृष्टि (Vision) एवं आत्मिक ज्ञान का प्रकाश
जाप विधि
प्रातः नींद से उठते ही सर्वप्रथम भगवान के कमल-नेत्रों का ध्यान करते हुए स्मरण।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
भ्रां
dhyan mantraॐ जटाजूटसमायुक्तमर्धेन्दुकृतलक्षणम्। लोचनत्रयसंयुक्तं पातु मां सर्वतोमुखीम्॥
jap mantraश्री राम दूताय नम:
navgrah mantraॐ लोहिताक्षाय विद्महे भूलाभाय धीमहि तन्नोऽङ्गारकः प्रचोदयात्।
kavach mantraॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4
mool mantraॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः