नवग्रह (सूर्य) नाम मंत्र
आदित्य
रोगों से पूर्ण मुक्ति (आरोग्य), दीर्घायु एवं देवत्व की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
रोगों से पूर्ण मुक्ति (आरोग्य), दीर्घायु एवं देवत्व की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
रोगों से पूर्ण मुक्ति (आरोग्य), दीर्घायु एवं देवत्व की प्राप्ति
जाप विधि
सूर्योदय से पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में मानसिक स्मरण।
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ॐ काश्यपाय विद्महे सूर्यपुत्राय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्।
bhakti mantraॐ श्री बालपरमेश्वर्यै नमः
kavach mantraनासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । आंगो पांगानी सर्वानी रक्षे में सूर्य नंदन इत्तेत कवच देव पठे सूर्य सुतस्य यह नतस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्य जह व्यय जन्म द्वितीय मृत्यु स्थान गतो पिवा कलस्थो गतो वापी सुप्रीतु सदाशनी अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्म द्वितीयगे। कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्। इत्य तत कवचम दिव्यम सौरे निर्मित पुरा जन्म लग्न स्थिता दोषा सर्वान नाश्यते प्रभु इति शनि कवच संपूर्णं ॥ 20
dhyan mantraकस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्षःस्थले कौस्तुभं नासाग्रे नवमौक्तिकं करतले वेणुं करे कङ्कणम्। सर्वाङ्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलिं गोपस्त्रीपरिवेष्टितो विजयते गोपालचूडामणिः॥
beej mantraस्रीं
sabar mantraओम नमो महादेवी सर्व कार्य सिद्धि करनी जो पाती पूरे ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों देवन मेरी भक्ति गुरु की शक्ति श्री गुरु गोरखनाथ की दुहाई फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा 3