नवग्रह (सूर्य) नाम मंत्र
आदित्य
रोगों से पूर्ण मुक्ति (आरोग्य), दीर्घायु एवं देवत्व की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
रोगों से पूर्ण मुक्ति (आरोग्य), दीर्घायु एवं देवत्व की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
रोगों से पूर्ण मुक्ति (आरोग्य), दीर्घायु एवं देवत्व की प्राप्ति
जाप विधि
सूर्योदय से पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में मानसिक स्मरण।
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ॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि । सर्वं ब्रह्मोपनिषदं माहं ब्रह्म निराकुर्यां मा मा ब्रह्म निराकरोदनिराकरणमस्त्वनिराकरणं मे अस्तु । तदात्मनि निरते य उपनिषत्सु धर्मास्ते मयि सन्तु ते मयि सन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
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