वैदिक देवता (वायु) नाम मंत्र
वायु
प्राण-शक्ति (Immunity) में वृद्धि, वात-रोगों का शमन एवं शरीर में चपलता।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
प्राण-शक्ति (Immunity) में वृद्धि, वात-रोगों का शमन एवं शरीर में चपलता।
इस मंत्र से क्या होगा?
प्राण-शक्ति (Immunity) में वृद्धि, वात-रोगों का शमन एवं शरीर में चपलता
जाप विधि
खुली हवा में या प्राणायाम (Deep Breathing) करते समय मानसिक जप।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः। एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्। पातालभूतलव्योम- चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः। रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्। नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति। जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम्। 34
beej mantraदं
ugra mantraॐ नमो भगवते उग्र भैरवाय सर्वविघ्ननाशाय ठः ठः स्वाहा
shanti mantraॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पुर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
navgrah mantraॐ आ कृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यं च। हिरण्ययेन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन्।।
sabar mantraओम ह्रीम नजर उतरजा कुरु कुरु स्वाहा 26