भगवान श्री राम / श्रीरामरक्षास्तोत्रम् स्तोत्र मंत्र
रामो राजमणि: सदा विजयते रामं रमेशं भजे । रामेणाभिहता निशाचरचमू रामाय तस्मै नम: । रामान्नास्ति परायणं परतरं रामस्य दासोऽस्म्यहम् । रामे चित्तलय: सदा भवतु मे भो राम मामुद्धर ॥ 16
सर्वत्र विजय, संकटों से रक्षा, भयमुक्ति, और सुख-सम्पदा की पूर्ण प्राप्ति 16।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्वत्र विजय, संकटों से रक्षा, भयमुक्ति, और सुख-सम्पदा की पूर्ण प्राप्ति 16।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्वत्र विजय, संकटों से रक्षा, भयमुक्ति, और सुख-सम्पदा की पूर्ण प्राप्ति
जाप विधि
ग्रहण काल में निरंतर पाठ, या चैत्र नवरात्रि में 9 दिनों तक 11 या 108 पाठ कर सिद्ध किया जाता है 17।
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ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
mool mantraॐ कूर्माय नमः
tantrik mantraक ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं स क ल ह्रीं
jap mantraॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
vaidik mantraॐ सुषारथिरश्वानिव यन्मनुष्यान्नेनीयतेऽभीशुभिर्वाजिन इव । हृत्प्रतिष्ठं यदजिरं जविष्ठं तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
gyan mantraशुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमामाद्यां जगद्व्यापिनीं वीणापुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम् । हस्ते स्फाटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थितां वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम् ॥